UN में भारत ने मानव तस्करी विरोधी कानून मजबूत करने पर जोर दिया

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 08-05-2026
India at the UN stressed on strengthening anti-human trafficking laws
India at the UN stressed on strengthening anti-human trafficking laws

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली 

 
केंद्रीय मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने यहां संयुक्त राष्ट्र महासभा में कहा कि भारत अनियमित प्रवासन और मानव तस्करी जैसी चुनौतियों से निपटते हुए प्रवासन के लिए एक समावेशी, मानवीय और भविष्य के अनुरूप ढांचा तैयार करने का प्रयास कर रहा है।
 
सिंह ने बृहस्पतिवार को ‘इंटरनेशनल माइग्रेशन रिव्यू फोरम’ (आईएमआरएफ) के दूसरे पूर्ण सत्र को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘प्रवासन अंतत: लोगों, उनकी आकांक्षाओं, संघर्ष क्षमता और योगदान से जुड़ा विषय है।’’
 
उन्होंने कहा, ‘‘हम एक समावेशी, मानवीय और भविष्य के अनुरूप ढांचा तैयार करने का प्रयास कर रहे हैं, साथ ही अनियमित प्रवासन, मानव तस्करी और सामाजिक सुरक्षा में मौजूद कमियों जैसी चुनौतियों का समाधान भी कर रहे हैं।’’
 
सिंह ने कहा कि भारत प्रवासन का प्रबंधन एक ‘‘समग्र और व्यावहारिक’’ ढांचे के माध्यम से करता है, जिसका उद्देश्य प्रवासियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना, प्रवासन प्रक्रिया के हर चरण की निगरानी करना और अंतरराष्ट्रीय सहयोग को बढ़ावा देना है।
 
उन्होंने कहा, ‘‘भारत 3.4 करोड़ से अधिक लोगों के साथ दुनिया के सबसे बड़े और गतिशील प्रवासी समुदायों में से एक का घर है और वैश्विक स्तर पर सबसे अधिक प्रेषण राशि (रेमिटेंस) प्राप्त करने वाला देश होने के नाते इस बात का प्रत्यक्ष उदाहरण है कि प्रवासन किस प्रकार लोगों, समुदायों और देशों के जीवन को बदल सकता है।’’
 
उन्होंने बताया कि भारत ने निष्पक्ष और नैतिक प्रवासन के लिए स्थायी रास्ते तैयार करने हेतु 23 देशों के साथ व्यापक द्विपक्षीय गतिशीलता समझौते और समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए हैं तथा कई अन्य देशों के साथ भी इस दिशा में प्रयास जारी हैं।
 
उन्होंने कहा, ‘‘सुरक्षित और नियमित प्रवासन मार्गों के माध्यम से प्रवासियों के कल्याण को सुनिश्चित करने की यही कुंजी है।’’
 
मंत्री ने विदेशों में रह रहे भारतीय नागरिकों की सहायता के लिए भारत द्वारा उठाए गए विभिन्न व्यापक कदमों का उल्लेख किया, जिनमें डिजिटल तकनीकों का उपयोग भी शामिल है।
 
सिंह ने कहा, ‘‘हमने कौशल विकास पहलों को मजबूत किया है और प्रस्थान-पूर्व प्रशिक्षण कार्यक्रमों का विस्तार किया है, ताकि हमारे प्रवासियों को उनके अधिकारों और मेजबान देश की सांस्कृतिक समझ सहित आवश्यक जानकारी दी जा सके।’’