वैश्विक मूल्य श्रृंखलाओं में बढ़ती भागीदारी,बाजार विविधीकरण से निर्यात वृद्धि को मदद: विशेषज्ञ

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 16-06-2026
Increasing participation in global value chains: Experts
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आवाज द वॉयस/नई दिल्ली 

 
 देश के वस्तु निर्यात में 18 प्रतिशत की वृद्धि भारतीय कंपनियों के वैश्विक मूल्य श्रृंखलाओं में बढ़ती भागीदारी और निर्यात बाजारों के विविधीकरण को दर्शाती है। विशेषज्ञों ने मंगलवार को यह बात कही।

मई में भारत का निर्यात 18 प्रतिशत बढ़कर 45.2 अरब डॉलर के छह महीने के उच्च स्तर पर पहुंच गया, जबकि कच्चे तेल की ऊंची कीमतों के बीच पेट्रोलियम उत्पादों के आयात में वृद्धि के कारण व्यापार घाटा बढ़कर 28.21 अरब डॉलर हो गया।
 
भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) की राष्ट्रीय निर्यात समिति के सह-प्रमुख और पैटन इंटरनेशनल लिमिटेड के प्रबंध निदेशक संजय बुधिया ने कहा कि निर्यात में वृद्धि भारतीय उद्योग की बढ़ती प्रतिस्पर्धात्मकता तथा वैश्विक बाजारों द्वारा भारतीय उत्पादों पर बढ़ते भरोसे को दर्शाती है।
 
उन्होंने कहा कि 2026-27 के पहले दो महीनों में निर्यात में हुई स्वस्थ वृद्धि भारतीय उद्यमों के वैश्विक मूल्य श्रृंखलाओं में बढ़ती भागीदारी और अंतरराष्ट्रीय मांग में बदलाव के अनुरूप खुद को ढालने की उनकी क्षमता को भी दर्शाती है।
 
वित्त वर्ष 2026-27 की अप्रैल-मई अविध में निर्यात 16.09 प्रतिशत बढ़कर 88.91 अरब अमेरिकी डॉलर हो गया, जबकि आयात 15.14 प्रतिशत बढ़कर 145.35 अरब अमेरिकी डॉलर रहा। इस अवधि में व्यापार घाटा 56.44 अरब अमेरिकी डॉलर रहा।
 
बुधिया ने कहा, ‘‘ बाजार पहुंच, व्यापार सुगमता तथा निर्यात प्रतिस्पर्धात्मकता पर निरंतर ध्यान देना इस गति को बनाए रखने और वैश्विक व्यापार में भारत की स्थिति को और मजबूत करने के लिए आवश्यक होगा।’’
 
फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट ऑर्गेनाइजेशन्स (फियो) के अध्यक्ष एस. सी. रल्हन ने कहा कि अप्रैल–मई 2026-27 के दौरान भारत के प्रमुख निर्यात गंतव्यों में संयुक्त अरब अमीरात, सिंगापुर, चीन, नीदरलैंड, ब्रिटेन, बांग्लादेश, तंजानिया, जर्मनी और सऊदी अरब शामिल रहे।