If we are infidels, then don't walk on the road built by us: Minister Kailash Vijayvargiya
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
मध्यप्रदेश के काबीना मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने एक विवादास्पद बयान में कहा है कि राज्य सरकार ने किसी भी वर्ग के साथ कभी भेदभाव नहीं किया, लेकिन मुस्लिम समुदाय के कई लोग दूसरे धर्म के जन प्रतिनिधियों को कथित तौर पर ‘काफिर’ की संज्ञा देते हैं।
उन्होंने कहा कि अगर ये लोग जन प्रतिनिधियों को 'काफिर' समझ रहे हैं, तो वे उनकी बनवाई गई सड़क पर न चलें और लाड़ली बहना योजना व लाड़ली लक्ष्मी योजना सरीखे सरकारी कार्यक्रमों का वित्तीय लाभ भी न लें।
आम तौर पर ‘काफिर’ शब्द का प्रयोग उन लोगों के लिए किया जाता है जो इस्लाम को नहीं मानते या उसके मूल सिद्धांतों को अस्वीकार करते हैं। हालांकि, अलग-अलग काल और व्याख्याओं में इसका अर्थ और प्रयोग भिन्न रहा है।
विजयवर्गीय ने इंदौर में अपने निर्वाचन क्षेत्र विधानसभा क्षेत्र क्रमांक-1 में रविवार को अलग-अलग विकास कार्यों की शुरुआत के लिए आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए यह विवादस्पद बयान दिया।
इस बयान का वीडियो सोमवार को सामने आया। सोशल मीडिया पर लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाओं के कारण बयान पर विवाद खड़ा हो गया है।
विजयवर्गीय ने कहा,‘‘यहां यह सड़क बन रही है। मैं देख रहा था कि यहां हिंदू भाई भी रहते हैं और मुसलमान भाई भी रहते हैं। कई मुस्लिम भाई हमको काफिर बोलते हैं। अरे, अगर हम काफिर हैं, हमने सड़क बनाई है, तो इस पर मत चलो भाई।’’
उन्होंने आगे कहा,‘‘यदि हम काफिर हैं और अगर आपके घर में लाड़ली बहना और लाड़ली लक्ष्मी योजनाओं का पैसा आ रहा है, तो मत लो।’’
काबीना मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने किसी भी वर्ग के साथ कभी भेदभाव नहीं किया।