Andhra Pradesh government allocates Rs 800 crore for the development of neglected temples
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
आंध्र प्रदेश के धर्मादा मंत्री ए. रामनारायण रेड्डी ने सोमवार को कहा कि राज्य सरकार ने लगभग 700 उपेक्षित प्राचीन मंदिरों के विकास के लिए 800 करोड़ रुपये से ज़्यादा की राशि आवंटित की है।
तेलुगु देशम पार्टी (तेदेपा) के नेतृत्व वाली सरकार में पिछले दो सालों में धर्मादा विभाग द्वारा किये गये कामकाज का उल्लेख करते हुए, रेड्डी ने कहा कि इन मंदिरों के विकास के लिए फंड 'सर्वश्रेयोनिधि' योजना के तहत मंज़ूर किए गए हैं।
उन्होंने यहां सचिवालय में प्रेसवार्ता में कहा, ‘‘हमने सर्वश्रेयोनिधि के तहत 692 उपेक्षित प्राचीन मंदिरों के विकास के लिए 813 करोड़ रुपये आवंटित करके इतिहास रचा है।’’
धर्मादा मंत्री ने कहा कि विभाग ने तिरुपति में श्री वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर के आधिकारिक संरक्षक टीटीडी के सहयोग से 750 करोड़ रुपये की लागत से 5,000 'श्रीवाणी भजन मंदिर' (पूजा स्थल) बनाने का लक्ष्य रखा है।
रेड्डी ने बताया कि प्रस्तावित लक्ष्य में से 1,270 'श्रीवाणी भजन मंदिरों' के लिए 267 करोड़ रुपये के आवंटन के साथ मंज़ूरी दी गई है।
मंत्री के अनुसार, राज्य भर के 6,137 मंदिरों में 'धूप-दीप-नैवेद्य' योजना (जैसे दीये जलाना, धूप-अगरबत्ती करना और अन्य अनुष्ठान) के लिए सालाना बजट को 35 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 73 करोड़ रुपये कर दिया गया है।
उन्होंने बताया कि उनके विभाग ने 22,672 मंदिरों की लगभग 4.5 लाख एकड़ ज़मीन को सुरक्षित रखने के लिए ब्लॉकचेन-आधारित डिजिटलीकरण शुरू किया है।
रेड्डी ने बताया कि दक्षिणी राज्य के 111 मंदिरों में सरकार हर साल तीन करोड़ श्रद्धालुओं को ‘अन्नप्रसाद वितरण’ (मुफ़्त भोजन) की सुविधा दे रही है।
उन्होंने कहा, ‘‘पिछले दो सालों में प्रमुख मंदिरों में आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में 70 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। मंदिरों में लोगों की आस्था बढ़ी है।’’