आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) के आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) का आकार घटकर 25,000-27,000 करोड़ रुपये रह सकता है।
मामले की जानकारी रखने वाले लोगों ने बुधवार को बताया कि कुछ शेयरधारकों के बिक्री से पीछे हटने के कारण पहले प्रस्तावित छह प्रतिशत के मुकाबले बिक्री पेशकश (ओएफएस) का आकार घटकर 5.2-5.5 प्रतिशत रह सकता है।
ओएफएस का आकार घटने से कुल निर्गम का आकार पहले अनुमानित 30,000 करोड़ रुपये के मुकाबले घटकर 25,000-27,000 करोड़ रुपये रह सकता है। इस आकार के साथ एनएसई भारत के अबतक के सबसे बड़े सार्वजनिक निर्गम का रिकॉर्ड बनाने से पीछे रह सकता है। फिलहाल हुंदै मोटर इंडिया का 27,870 करोड़ रुपये का आईपीओ अबतक का सबसे बड़ा निर्गम है।
बताया जाता है कि ओएफएस का आकार घटने की वजह कुछ शेयरधारकों का आईपीओ के दौरान अपनी हिस्सेदारी नहीं बेचने का फैसला माना जा रहा है। उनका मानना है कि बाद में हिस्सेदारी बेचने पर उन्हें बेहतर मूल्यांकन मिल सकता है।