अंतरिक्ष में ‘अग्निकुल’ का एआई डेटा सेंटर कैसे काम करेगा: सह-संस्थापक ने समझाया

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 03-03-2026
How Agnikul's AI data center in space will work: Co-founder explains
How Agnikul's AI data center in space will work: Co-founder explains

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली

 
 चेन्नई आधारित ‘अग्निकुल कॉसमॉस’ इस साल के अंत तक एक कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) डेटा सेंटर का ‘प्रोटोटाइप’ पृथ्वी की कक्षा में भेजेगा, जिसका लक्ष्य 2027 तक इसे व्यावसायिक रूप से व्यवहार्य बनाना है। अंतरिक्ष कंपनी के सह-संस्थापक श्रीनाथ रविचंद्रन ने यह जानकारी दी।

एआई डेटा सेंटर का उपयोग एआई मॉडल को प्रशिक्षित करने के लिए किया जाता है और ये आकार में बहुत बड़े होते हैं।
 
कंपनी ने 12 फरवरी को यह घोषणा की कि ‘अग्निकुल कॉसमॉस’ जहां एआई डेटा सेंटर को प्रक्षेपित करेगा, वहीं इसे बेंगलुरु आधारित एआई सुपरक्लाउड मंच ‘नीवक्लाउड’ द्वारा विकसित किया जाएगा।
 
कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के बढ़ते उपयोग के साथ, संगृहीत और संसाधित किए जाने वाले डेटा की मात्रा में भारी वृद्धि हुई है।
 
वैश्विक प्रबंधन सलाहकार कंपनी मैकिन्से के अनुसार, डेटा सेंटर क्षमता की वैश्विक मांग 2023 से 2030 तक 19 प्रतिशत से 22 प्रतिशत की वार्षिक दर से बढ़ सकती है, जिससे यह 171 गीगावॉट से 219 गीगावॉट की वार्षिक मांग तक पहुंच सकती है।