हिमाचल: ऑनलाइन सट्टेबाजी रैकेट में 6 पर केस, 41 फोन और 7 लैपटॉप जब्त

Story by  आवाज़ द वॉयस | Published by  onikamaheshwari | Date 24-10-2026
Himachal: Kangra Police book 6 in alleged online betting racket, seize 41 mobile phones and 7 laptops
Himachal: Kangra Police book 6 in alleged online betting racket, seize 41 mobile phones and 7 laptops

 

कांगड़ा (हिमाचल प्रदेश)
 
कांगड़ा पुलिस ने ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म के जरिए सट्टेबाजी का रैकेट चलाने के आरोप में छह लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। SP कुलभूषण वर्मा ने ANI को बताया कि कांगड़ा के पास बिरता में एक घर पर छापेमारी के दौरान पुलिस ने 41 मोबाइल फोन और सात लैपटॉप जब्त किए हैं। कांगड़ा के पुलिस अधीक्षक (SP) कुलभूषण वर्मा ने बताया कि 22 अक्टूबर को पुलिस को एक सूचना मिली थी कि बिरता में एक घर की दूसरी मंजिल पर कुछ संदिग्ध गतिविधियां चल रही हैं। वहां छह लोग ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म चला रहे थे और कई बैंक खातों के जरिए यूजर्स से पैसे इकट्ठा कर रहे थे।
 
वर्मा ने ANI को बताया, "सूचना मिलने पर पुलिस की एक टीम ने उस जगह पर छापेमारी की और वहां मौजूद छह लोगों के पास से 41 मोबाइल फोन और सात लैपटॉप बरामद किए। पूछताछ के दौरान पता चला कि वे गेमिंग एप्लिकेशन के जरिए ऑनलाइन सट्टेबाजी करवा रहे थे और UPI ID तथा QR कोड से जुड़े अलग-अलग बैंक खातों के जरिए देशभर के लोगों से पैसे ले रहे थे।"
 
पकड़े गए छह लोगों की पहचान इस प्रकार है: कांगड़ा जिले के रहने वाले लवलेश (25) और सागर चौधरी (27); कांगड़ा के नगरोटा बगवां का रहने वाला आर्यन (20); और बिहार के रहने वाले मनोज कुमार मेहता (28), पंकज पंडित (31) तथा विवेक कुमार (27)।
 
SP के अनुसार, आरोपी देशभर से बैंक खातों से जुड़ी UPI ID और QR कोड इकट्ठा करते थे, ताकि ऑनलाइन सट्टेबाजी से जुड़े पैसों का लेनदेन किया जा सके। पुलिस को शक है कि इन खातों का इस्तेमाल 'म्यूल अकाउंट' (mule accounts) के तौर पर किया जा रहा था, ताकि बड़ी रकम को इधर-उधर भेजा और जमा किया जा सके।
 
वर्मा ने बताया कि इन छह लोगों से पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि वे इस काम में किस हद तक शामिल थे और पैसों का लेन-देन कहां-कहां हुआ। पूछताछ के दौरान उन्होंने बताया कि नगरोटा इलाके के ही एक अन्य व्यक्ति ने उन्हें ये मोबाइल फोन और लैपटॉप दिए थे। SP ने कहा कि पुलिस ने उस व्यक्ति को भी पूछताछ के लिए बुलाया है।
 
SP ने बताया कि जांचकर्ता वित्तीय लेन-देन की जांच कर रहे हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि सट्टेबाजी से इकट्ठा किया गया पैसा कहां भेजा जा रहा था। इसमें यह भी देखा जा रहा है कि क्या कोई रकम विदेशों में मौजूद बैंक खातों में भेजी गई, या फिर इस रैकेट को चलाने में विदेश में बैठे लोग भी शामिल हैं। "हमने संबंधित बैंकों से जानकारी मांगी है और पैसों के लेन-देन (मनी ट्रेल) की जांच चल रही है। ऐसी संभावना है कि पैसे विदेशी खातों में जा रहे हों या विदेश में बैठा कोई व्यक्ति सट्टेबाजी को बढ़ावा दे रहा हो। हालांकि, इस पहलू की अभी जांच की जा रही है," वर्मा ने कहा।
 
पुलिस जब्त किए गए इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के स्रोत की भी जांच कर रही है, क्योंकि पकड़े गए लोग अब तक यह नहीं बता पाए हैं कि उन्होंने ये उपकरण कहां से खरीदे। जांचकर्ता इस बात की भी पड़ताल कर रहे हैं कि कहीं इनमें से कुछ उपकरण चोरी के तो नहीं हैं।
 
कांगड़ा पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 317(2), 317(5) और 318 के तहत मामला दर्ज किया गया है। यह मामला चोरी की संपत्ति और धोखाधड़ी से जुड़ा है।
 
जब्त किए गए मोबाइल फोन और लैपटॉप की जांच की जा रही है। साथ ही, जांचकर्ता गेमिंग प्लेटफॉर्म, बैंक खातों, UPI ID, QR कोड और संदिग्ध वित्तीय लेन-देन के बारे में जानकारी जुटा रहे हैं। इस बात का पता लगाने के लिए आगे की जांच जारी है कि क्या इस रैकेट में कोई अन्य व्यक्ति—जिसमें विदेश से जुड़े कथित ऑपरेटर भी शामिल हो सकते हैं—संलिप्त है या नहीं।