नई दिल्ली
विदेश मंत्रालय ने शनिवार को बताया कि लिकटेंस्टीन रियासत के कार्यवाहक राष्ट्राध्यक्ष, हेरेडिटरी प्रिंस एलॉइस, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निमंत्रण पर 25 से 28 अक्टूबर तक भारत की राजकीय यात्रा पर आएंगे। विदेश मंत्रालय की एक आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, प्रिंस एलॉइस के साथ उनकी पत्नी, हेरेडिटरी प्रिंसेस सोफी, एक उच्च-स्तरीय आधिकारिक प्रतिनिधिमंडल और प्रमुख उद्योगपतियों का एक व्यावसायिक प्रतिनिधिमंडल भी आएगा। विदेश मंत्रालय ने बताया कि अपनी यात्रा के दौरान, प्रधानमंत्री मोदी और हेरेडिटरी प्रिंस एलॉइस द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। इसमें व्यापार और निवेश, विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार, तथा लोगों के बीच आपसी आदान-प्रदान जैसे विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग पर चर्चा की जाएगी। वे क्षेत्रीय और वैश्विक घटनाक्रमों पर भी अपने विचार साझा करेंगे।
मंत्रालय ने कहा, "अपनी यात्रा के दौरान, प्रधानमंत्री मोदी और हेरेडिटरी प्रिंस एलॉइस एक द्विपक्षीय बैठक करेंगे। इसमें व्यापार और निवेश, विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार, तथा लोगों के बीच आपसी आदान-प्रदान जैसे विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग पर चर्चा होगी। साथ ही, वे क्षेत्रीय और वैश्विक घटनाक्रमों पर भी अपने विचार साझा करेंगे।"
विदेश मंत्रालय ने आगे बताया कि हेरेडिटरी प्रिंस एलॉइस राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से भी मुलाकात करेंगे, जो उनके सम्मान में एक आधिकारिक भोज का आयोजन करेंगी। विदेश मंत्री एस. जयशंकर भी उनसे मुलाकात करेंगे। यह 2026 में प्रिंस एलॉइस की भारत की दूसरी यात्रा होगी। इससे पहले, वह फरवरी में 'AI इम्पैक्ट समिट' में भाग लेने के लिए नई दिल्ली आए थे। उन्होंने 2010 और 2018 में भी भारत का दौरा किया था।
हैदराबाद हाउस में, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'AI इम्पैक्ट समिट 2026' के दौरान लिकटेंस्टीन के राजकुमार एलॉइस (जो वहां के उत्तराधिकारी राजकुमार हैं) के साथ द्विपक्षीय बैठक की। यह दौरा भारत और लिकटेंस्टीन के बीच बढ़ते संबंधों के बीच हो रहा है, खासकर 2025 में 'भारत-यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ (EFTA) व्यापार और आर्थिक साझेदारी समझौते' के लागू होने के बाद। विदेश मंत्रालय (MEA) ने कहा, "इस दौरे से भारत और लिकटेंस्टीन के बीच बढ़ते संबंधों को और बढ़ावा मिलने की उम्मीद है, खासकर 2025 में 'भारत-EFTA व्यापार और आर्थिक साझेदारी समझौते' के लागू होने के बाद से।"
मंत्रालय ने आगे कहा कि यह दौरा द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने और आपसी हित के नए क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने का अवसर प्रदान करेगा। प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है, "यह दौरा भारत और लिकटेंस्टीन के बीच मैत्रीपूर्ण संबंधों को और गहरा करने तथा आपसी हित के नए क्षेत्रों में साझेदारी बनाने का अवसर देगा।" भारत और लिकटेंस्टीन ने 1993 में राजनयिक संबंध स्थापित किए थे, जिसमें स्विट्जरलैंड में तैनात भारतीय राजदूत को ही लिकटेंस्टीन के लिए भी राजदूत के रूप में मान्यता दी गई थी। विदेश मंत्रालय के एक आधिकारिक बयान के अनुसार, 2023 में इन द्विपक्षीय राजनयिक संबंधों की स्थापना की 30वीं वर्षगांठ मनाई गई।