गुजरात की एयर एंबुलेंस सेवा ने पूरे किए 98 मिशन, 100 के आंकड़े के करीब

Story by  आवाज़ द वॉयस | Published by  onikamaheshwari | Date 22-10-2026
Gujarat’s air ambulance service completes 98 missions, nears the 100-mark
Gujarat’s air ambulance service completes 98 missions, nears the 100-mark

 

गांधीनगर
 
गुजरात सरकार की 24 घंटे उपलब्ध एयर एंबुलेंस सेवा ने वर्ष 2022 में शुरुआत के बाद से अब तक 98 उड़ान मिशन पूरे कर लिए हैं। इनमें 48 मिशन मरीजों को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाने और 50 मिशन अंग प्रत्यारोपण के लिए जरूरी मानव अंगों के परिवहन से जुड़े थे। सरकार की यह पहल गंभीर मरीजों को समय पर विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने और अंग प्रत्यारोपण की प्रक्रिया को तेज करने में मदद कर रही है।
 
गुजरात सरकार के नागरिक उड्डयन विभाग और गुजरात स्टेट एविएशन इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी लिमिटेड (GUJSAIL) के माध्यम से संचालित यह सेवा रियायती दरों पर उपलब्ध है। उपमुख्यमंत्री और नागरिक उड्डयन विभाग का जिम्मा संभाल रहे हर्ष संघवी के अनुसार, यह सेवा राज्य के आपातकालीन स्वास्थ्य ढांचे का अहम हिस्सा बनकर उभरी है। यह देशभर के नागरिकों के लिए उपलब्ध है।
 
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में शुरू की गई इस पहल का उद्देश्य गंभीर मरीजों को कम समय में उपयुक्त अस्पताल तक पहुंचाना है। इसके लिए सरकार ने VT-GUJ पंजीकरण वाला बीचक्राफ्ट किंग एयर B200 विमान तैनात किया है, जो चौबीसों घंटे एयर एंबुलेंस मिशन के लिए उपलब्ध रहता है। मरीज की स्थिति, जरूरत और यात्रा की दूरी के आधार पर विमान में डॉक्टरों, चिकित्सा कर्मियों और जरूरी उपकरणों की व्यवस्था की जाती है।
 
इस सेवा के संचालन में 108 आपातकालीन सेवा की अहम भूमिका है। जरूरतमंद मरीज की पहचान होने पर मामला GUJSAIL के फ्लाइट ऑपरेशंस विभाग को भेजा जाता है। इसके बाद विमान संचालन, चिकित्सा दल, हवाई अड्डे, सड़क परिवहन टीम और मरीज को भर्ती करने वाले अस्पताल के बीच समन्वय स्थापित किया जाता है। अस्पताल भी जरूरत पड़ने पर सीधे एयर एंबुलेंस की मांग कर सकते हैं।
 
इस सेवा की एक खासियत यह है कि विमान आवश्यक परिचालन, मौसम और सुरक्षा मानकों को पूरा करने की स्थिति में छोटे हवाई अड्डों और उपयुक्त हवाई पट्टियों से भी संचालन कर सकता है। इससे दूरदराज के इलाकों में मौजूद मरीजों को बड़े शहरों के अस्पतालों तक पहुंचाने में मदद मिल सकती है। यह सुविधा सड़क एंबुलेंस का विकल्प बनने के बजाय उसे पूरक सहायता प्रदान करती है। जहां दूरी, आपात स्थिति या भौगोलिक परिस्थितियों के कारण हवाई परिवहन अधिक उपयोगी हो, वहां इसका सहारा लिया जा सकता है।
 
एयर एंबुलेंस का एक महत्वपूर्ण उपयोग मानव अंगों को प्रत्यारोपण के लिए समय पर पहुंचाना है। अब तक पूरे हुए 98 मिशनों में से 50 इसी उद्देश्य से किए गए। अंग प्रत्यारोपण में समय बेहद महत्वपूर्ण होता है, क्योंकि उपलब्ध अंग को सीमित समय के भीतर संबंधित अस्पताल और प्रत्यारोपण टीम तक पहुंचाना जरूरी होता है। ऐसे में हवाई परिवहन अस्पतालों और चिकित्सा टीमों के लिए महत्वपूर्ण सहायता साबित हो सकता है।
 
गुजरात सरकार इस सेवा को रियायती दरों पर उपलब्ध करा रही है। जारी जानकारी के अनुसार, गुजरात के मरीजों के लिए शुल्क 50,000 रुपये और गैर-गुजराती मरीजों के लिए 65,000 रुपये है। वहीं, अस्पताल की ओर से सेवा बुक किए जाने पर 55,000 रुपये का शुल्क लागू होता है।
 
इस सेवा की सफलता नागरिक उड्डयन विभाग, GUJSAIL, पायलटों, चिकित्सा विशेषज्ञों, 108 आपातकालीन सेवा, अस्पतालों, हवाई अड्डा अधिकारियों और जमीनी सहायता टीमों के बीच बेहतर तालमेल पर निर्भर करती है। 98 मिशनों के साथ यह सेवा अब 100 उड़ान मिशनों के महत्वपूर्ण पड़ाव के करीब पहुंच गई है।