आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
भारत कोल गैसीकरण एंड केमिकल्स लि. (बीसीजीसीएल) के प्रबंध निदेशक पीयूष कुमार ने बृहस्पतिवार को कहा कि ओडिशा में 25,000 करोड़ रुपये की कोयला से गैस बनाने की परियोजना के लिए निर्माण का काम शुरू हो गया है।
बीसीजीसीएल, कोल इंडिया लि. और भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लि. (बीएचईएल) की संयुक्त उद्यम कंपनी है।
यह राष्ट्रीय कोयला गैसीकरण मिशन के तहत 2030 तक 10 करोड़ टन कोयला गैसीकरण क्षमता विकसित करने के देश के प्रयासों के लिहाज से महत्वपूर्ण है। इस मिशन का उद्देश्य कोयले को रसायनों में बदलना और तरलीकृत प्राकृतिक गैस (एलएनजी), यूरिया, अमोनिया तथा मेथनॉल जैसे उत्पादों के आयात पर निर्भरता कम करना है।
कुमार ने मिशन एनर्जी फाउंडेशन के 17वें गैसीफिकेशन इंडिया 2026 कार्यक्रम में कहा, ‘‘हम भेल और कोल इंडिया के संयुक्त उद्यम बीसीजीसीएल के तहत आगे बढ़ रहे हैं। हमने निर्माण कार्य शुरू कर दिया है। ज्यादातर ठेके दिए जा चुके हैं और निर्माण शुरू हो गया है।’’
बीसीजीसीएल को अत्याधुनिक कोयला-से-अमोनियम नाइट्रेट परियोजना विकसित करने के लिए स्थापित किया गया है। इसमें कोल इंडिया की 51 प्रतिशत बहुलांश हिस्सेदारी है, जबकि शेष 49 प्रतिशत हिस्सेदारी बीएचईएल के पास है।
कुमार ने बताया कि करीब 15,000 करोड़ रुपये के काम के ठेके दिए जा चुके हैं, जबकि शेष कार्यों के लिए अनुबंध दिए जाने बाकी हैं। परियोजना की शेष लागत में ब्याज, मूल्यह्रास और जमीन से जुड़े खर्च जैसे अन्य व्यय शामिल हैं।