आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
आवास एवं शहरी मामलों के मंत्री मनोहर लाल ने बृहस्पतिवार को कहा कि सरकार उन ठेकेदारों को कुछ वित्तीय सहायता देने की योजना बना रही है जो अपने परियोजना स्थल पर काम करने वाले श्रमिकों के लिए अस्थायी आवास उपलब्ध कराते हैं।
भवन निर्माण सामग्री से जुड़ी चार दिन की अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनी 'भारत बिल्डकॉन' को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री ने यह भी कहा कि सरकार रियल एस्टेट और विनिर्माण कंपनियों के लिए इमारतों का टिकाऊपन प्रमाण पत्र जारी करना अनिवार्य करने पर विचार कर रही है।
उन्होंने पर्यावरण संरक्षण के लिए सतत विकास के महत्व पर भी जोर दिया और बिल्डरों से अपनी परियोजनाओं में अपशिष्ट प्रबंधन तथा जल संरक्षण सुनिश्चित करने को कहा।
मनोहर लाल ने कहा कि राज्य सरकारें ठेकेदारों से श्रम उपकर (अनुबंध मूल्य का एक प्रतिशत) वसूलती हैं, जिसका उपयोग मुख्य रूप से विनिर्माण श्रमिकों के कल्याण के लिए किया जाता है।