आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) ने एक गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी (एनबीएफसी) के स्वर्ण मूल्यांकनकर्ता को अन्य लोगों के साथ मिलकर जाली दस्तावेजों और नकली सोने के आभूषणों के आधार पर 3.81 करोड़ रुपये से अधिक की ऋण धोखाधड़ी करने के आरोप में गिरफ्तार किया है। अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि आरोपी की पहचान पंकज कुमार के रूप में हुई है, जो एक निजी कंपनी में स्वर्ण मूल्यांकनकर्ता के रूप में काम करता था। उसे सात जुलाई को गिरफ्तार किया गया। उस पर जाली दस्तावेज़ों के जरिए फर्जी स्वर्ण ऋण संबंधी 683 खाते बनाने का भी आरोप है।
ईओडब्ल्यू के मुताबिक, यह मामला तब सामने आया जब कंपनी के आंतरिक ऑडिट में सोना गिरवी रखकर दिए गए कुल कर्ज के ब्यौरे में अनियमितताएं पाई गईं।
ईओडब्ल्यू के बयान में कहा गया है,"ऑडिट में पाया गया कि लगभग 14.11 लाख रुपये कीमत के गिरवी रखे गए सोने के आभूषणों के नौ पैकेट गायब थे। ऑडिट में पता चला कि जाली केवाईसी दस्तावेजों, नकली ग्राहक पहचान और कृत्रिम सोने के आभूषणों का उपयोग करके 2022 से 2025 के बीच 683 नकली स्वर्ण ऋण खाते बनाए गए थे। इन खातों के आधार पर, लगभग 3.81 करोड़ रुपये की राशि के ऋण धोखाधड़ी से वितरित किए गए।"
अगस्त 2025 में ईओडब्ल्यू थाने में एक प्राथमिकी दर्ज की गई और आगे की जांच की गई।
पुलिस ने कहा कि कुमार ने अन्य आरोपियों के साथ साजिश रचकर ऋणों को मंजूरी दिलाने के लिए नकली या कृत्रिम सोने के आभूषणों को असली के रूप में प्रमाणित किया। फर्जी ऋण खाते बनाने के लिए जाली पहचान दस्तावेजों और फर्जी ऋण रिकॉर्ड का कथित तौर पर इस्तेमाल किया गया था।