Global preparedness for energy transition declines, India improves rapidly: WEF report
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
बढ़ते भू-राजनीतिक जोखिमों के बीच वैश्विक ऊर्जा बदलाव की तैयारी में एक दशक से अधिक समय में पहली बार गिरावट आई है लेकिन भारत इस क्षेत्र में सबसे मजबूत सुधार दर्ज करने वाले देशों में शामिल है। बृहस्पतिवार को जारी एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई।
विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ) के ऊर्जा रूपांतरण सूचकांक 2026 में स्वीडन, फिनलैंड और डेनमार्क शीर्ष तीन स्थानों पर बरकरार रहे, जबकि भारत दो स्थान ऊपर चढ़कर 70वें स्थान पर पहुंच गया है।
रिपोर्ट के मुताबिक, ऊर्जा बदलाव के लिए तैयारी के मामले में भारत वैश्विक स्तर पर सबसे तेज सुधार करने वाले देशों में शामिल रहा है। इसमें बुनियादी ढांचे में तेज वृद्धि, समानता, स्थिरता और वित्तीय निवेश में सुधार का योगदान रहा।
रिपोर्ट कहती है कि भारत में 2024 में कम कार्बन उत्सर्जन वाली नौकरियों का हिस्सा 24 प्रतिशत बढ़ा। नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में रोजगार 2023 की तुलना में 25 प्रतिशत बढ़कर 13 लाख तक पहुंच गया जिसमें जलविद्युत सबसे बड़ा रोजगार स्रोत रहा।
रिपोर्ट के मुताबिक, भारत की स्वच्छ ऊर्जा रणनीति में नवीकरणीय क्षमता का विस्तार, बिजली ग्रिड का विस्तार और हरित हाइड्रोजन पर जोर प्रमुख कारक हैं।
वैश्विक परिदृश्य के संदर्भ में यह रिपोर्ट कहती है कि ऊर्जा प्रणाली अधिक विखंडित एवं सुरक्षा-केंद्रित होती जा रही है क्योंकि देश स्थिरता, किफायत और जुझारूपन के बीच संतुलन बनाने का प्रयास कर रहे हैं।