ऐतिहासिक चंद्र यात्रा के बाद चार अंतरिक्ष यात्रियों की वापसी, अब चांद पर उतरने की तैयारी में नासा

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 11-04-2026
Four astronauts return after historic lunar journey, NASA now preparing for lunar landing
Four astronauts return after historic lunar journey, NASA now preparing for lunar landing

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली 

 
तालियों की गड़गड़ाहट और उत्साह के बीच नासा के ‘आर्टेमिस-2’ मिशन के चार अंतरिक्ष यात्री ऐतिहासिक चंद्र यात्रा पूरी करने के बाद प्रशांत महासागर में सुरक्षित उतर गए। यह 50 वर्षों से अधिक समय बाद चंद्रमा तक पहली मानव उड़ान है।

नासा के भारतीय मूल के सहायक प्रशासक अमित क्षत्रिय ने सैन डिएगो तट के पास शुक्रवार को (पूर्वी समयानुसार 8:07 बजे) पृथ्वी पर वापसी के बाद संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘चंद्रमा तक जाने का रास्ता खुल गया है, लेकिन आगे का काम पीछे किए गए काम से कहीं अधिक बड़ा है।’’
 
इस मिशन में शामिल कमांडर रीड वाइसमैन, पायलट विक्टर ग्लोवर, क्रिस्टीना कोच और कनाडा के जेरेमी हैनसेन ने दिसंबर 1972 में हुए अपोलो 17 मिशन के बाद पहली बार चंद्रमा की यात्रा की।
 
उड़ान निदेशक रिक हेनफ्लिंग ने कहा कि आर्टेमिस-2 के अंतरिक्ष यात्री ‘‘खुश और स्वस्थ हैं तथा ह्यूस्टन लौटने के लिए तैयार हैं।’’
 
आर्टेमिस-2 पहला मानवयुक्त मिशन था जिसमें नासा के अंतरिक्ष प्रक्षेपण प्रणाली रॉकेट और ओरियन क्रू मॉड्यूल का उपयोग किया गया, जिससे यह साबित हुआ कि एजेंसी का उपकरण अंतरिक्ष यात्रियों को पृथ्वी की कक्षा से बाहर भेजकर सुरक्षित वापस ला सकता है।
 
अमित क्षत्रिय ने कहा, ‘‘कल उड़ान निदेशक जेफ रेडिगन ने बताया था कि चंद्रमा तक ढाई लाख मील की दूरी तय करने के बाद लक्ष्य साधने के लिए हमारे पास एक डिग्री से भी कम का कोण था और टीम ने इसे सटीकता से हासिल किया। यह किस्मत नहीं, बल्कि एक हजार लोगों की मेहनत का नतीजा है।’’
 
आर्टेमिस-2 ने कुल 7,00,237 मील की दूरी तय की और अधिकतम गति 24,664 मील प्रति घंटा रही।
 
अब नासा का लक्ष्य चंद्रमा पर मानव उतारने और वहां एक बस्ती बनाने का है, जो भविष्य में मंगल और उससे आगे के मिशन के लिए ‘लॉन्च पैड’ बनेगा।