Flood situation grim in Odisha, 12.85 lakh people affected due to waterlogging in many areas
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
ओडिशा में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है और छह जिलों में 12.85 लाख लोग इससे प्रभावित हुए हैं, जबकि बृहस्पतिवार को बालासोर के कई नए इलाकों में भी पानी भर गया। अधिकारियों ने यह जानकारी देते हुए बताया कि सुवर्णरेखा नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है।
विशेष राहत आयुक्त (एसआरसी) राजेश पी. पाटिल ने बताया कि सुवर्णरेखा नदी में बृहस्पतिवार तड़के तीन बजे बाढ़ का पानी चरम स्तर पर पहुंच गया। जलेश्वर के राजघाट में नदी का जलस्तर 11.82 मीटर दर्ज किया गया, जबकि खतरे का निशान 10.36 मीटर है। हालांकि, सुबह नौ बजे तक जलस्तर घटकर 11.6 मीटर हो गया, लेकिन यह अब भी खतरे के निशान से ऊपर था।
विशेष राहत आयुक्त ने बताया कि नदी में आई बाढ़ के कारण भोगराई और बलियापाल प्रखंडों के नए इलाकों में पानी भर गया है। उन्होंने कहा कि भोगराई प्रखंड की 28 ग्राम पंचायतें बाढ़ की चपेट में हैं, जबकि बलियापाल प्रखंड के 20 क्षेत्र प्रभावित हुए हैं।
बाढ़ का पानी गांवों और धान के खेतों में भर जाने के बाद बालासोर जिला प्रशासन ने प्रभावित प्रखंडों में अतिरिक्त राहत और बचाव दल तैनात किए हैं।
बालासोर जिला आपातकालीन कार्यालय के एक अधिकारी ने बताया, “राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), ओडिशा आपदा मोचन बल (ओडीआरएफ), अग्निशमन सेवाओं और स्थानीय पुलिस के जवानों को तैनात कर बचाव अभियान तेज कर दिया गया है।”
ओडिशा के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी ने कहा कि पड़ोसी राज्य झारखंड में गलुडीह बैराज से पानी छोड़े जाने के कारण सुवर्णरेखा नदी का जलस्तर बढ़ गया। उन्होंने बताया कि कम दबाव के क्षेत्र के कारण नदी के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों में भी बहुत भारी बारिश हुई।
सुवर्णरेखा के अलावा बालासोर में जालका और बूढ़ाबलंगा नदियां भी उफान पर हैं।
अधिकारियों ने बताया कि सुवर्णरेखा, जालका और बूढ़ाबलंगा नदियों में आई बाढ़ से बालासोर जिले के 331 गांव प्रभावित हुए हैं।
बाढ़ का पानी बालासोर जिले में जलेश्वर और चंदनेश्वर को जोड़ने वाले राज्य राजमार्ग-57 पर भर गया है, जिससे वाहनों की आवाजाही पूरी तरह ठप हो गई है।