निखार कार्यक्रम में 80 छात्राओं को व्यक्तित्व विकास व सुरक्षा का प्रशिक्षण

Story by  आवाज़ द वॉयस | Published by  onikamaheshwari | Date 06-11-2026
80 female students receive training in personality development and safety under the 'Nikhar' program.
80 female students receive training in personality development and safety under the 'Nikhar' program.

 

नई दिल्ली
 
आत्मविश्वासी, जागरूक और सशक्त बालिकाओं के निर्माण की दिशा में अपनी प्रतिबद्धता को आगे बढ़ाते हुए आवाज़-ए-ख्वातीन ने अपनी पहल ‘निखार’ (NIKHAAR – Personality Development and Skill Enhancement Initiative) के तहत दूसरा कार्यक्रम एमसीडी को-एड प्राइमरी स्कूल, निजामुद्दीन वेस्ट में आयोजित किया। इस कार्यक्रम में कक्षा चार और पांच की लगभग 80 छात्राओं ने भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं को व्यक्तित्व विकास, आत्म-अभिव्यक्ति, व्यक्तिगत सुरक्षा और निजी सीमाओं के प्रति जागरूक करना था। इस दौरान छात्राओं के लिए संवादात्मक सत्र आयोजित किए गए, जिनमें उन्हें आत्मविश्वास के साथ अपनी बात रखने और अपने अधिकारों को समझने के लिए प्रोत्साहित किया गया।
 
कार्यक्रम का नेतृत्व आवाज़-ए-ख्वातीन की संयोजक सुश्री शारिका मलिक ने किया। उन्होंने व्यक्तित्व विकास, आत्मविश्वास बढ़ाने और प्रभावी संवाद कौशल पर छात्राओं को मार्गदर्शन दिया। वहीं, संगठन की जनसंपर्क एवं संचार सहयोगी सुश्री खुशबू ने शारीरिक सुरक्षा, व्यक्तिगत सीमाओं तथा सुरक्षित और असुरक्षित स्पर्श के विषय पर विशेष सत्र आयोजित किया। इस पहल का उद्देश्य स्कूली शिक्षा को पाठ्यपुस्तकों से आगे ले जाकर छात्राओं को ऐसे आवश्यक जीवन कौशल प्रदान करना है, जो उन्हें रोजमर्रा की परिस्थितियों में आत्मविश्वास, जागरूकता और स्वतंत्रता के साथ आगे बढ़ने में मदद करें।
 
कार्यक्रम के महत्व पर प्रकाश डालते हुए आवाज़-ए-ख्वातीन की संयोजक शारिका मलिक ने कहा, “जब हम विकसित भारत की कल्पना करते हैं, तो हमें यह समझना होगा कि देश का भविष्य आज हम अपनी बेटियों के लिए जो अवसर तैयार कर रहे हैं, उनसे गहराई से जुड़ा है। उनकी शिक्षा न केवल उनके व्यक्तिगत भविष्य को आकार देगी, बल्कि देश की सामाजिक और बौद्धिक प्रगति में भी योगदान देगी। शिक्षा केवल किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं होनी चाहिए। लड़कियों में अपनी बात रखने का आत्मविश्वास, अपने अधिकारों की समझ और सही निर्णय लेने की क्षमता विकसित होना भी आवश्यक है। एक विकसित राष्ट्र की कल्पना तब तक अधूरी है, जब तक हर लड़की सुरक्षित महसूस न करे और उसे अपनी प्रतिभा को निखारने का अवसर न मिले। ‘निखार’ के माध्यम से हम इसी मजबूत आधार के निर्माण का प्रयास कर रहे हैं।”
 
व्यक्तित्व विकास से बढ़ाया आत्मविश्वास

शारिका मलिक के नेतृत्व में आयोजित व्यक्तित्व विकास सत्र में छात्राओं को अपनी बात स्पष्टता और आत्मविश्वास के साथ रखने के लिए प्रोत्साहित किया गया। संवाद और विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से उन्हें समूह में अपनी राय व्यक्त करने, चर्चाओं में भाग लेने और झिझक दूर करने के लिए प्रेरित किया गया। सत्र में सकारात्मक आत्मछवि, संवाद कौशल, अनुशासन और सम्मानजनक व्यवहार के महत्व पर भी चर्चा हुई। छात्राओं को बताया गया कि व्यक्तित्व विकास केवल बाहरी दिखावे तक सीमित नहीं है, बल्कि अपने विचारों को प्रभावी ढंग से व्यक्त करने, दूसरों के साथ संवाद करने और स्वतंत्र रूप से भागीदारी निभाने की क्षमता भी इसका महत्वपूर्ण हिस्सा है।
 
व्यक्तिगत सुरक्षा और शारीरिक सीमाओं के प्रति किया जागरूक

कार्यक्रम का एक महत्वपूर्ण हिस्सा शारीरिक सुरक्षा और व्यक्तिगत सीमाओं पर आयोजित सत्र रहा, जिसका संचालन सुश्री खुशबू ने किया। उन्होंने सरल और उम्र के अनुरूप भाषा में छात्राओं को सुरक्षित और असुरक्षित स्पर्श के बारे में जानकारी दी। साथ ही उन्हें यह समझाया कि किन परिस्थितियों में असहज महसूस होने पर अपनी बात स्पष्ट रूप से रखनी चाहिए। छात्राओं को अपनी व्यक्तिगत सीमाओं को समझने, जरूरत पड़ने पर 'ना' कहने और किसी भी असुरक्षित स्थिति में माता-पिता, शिक्षकों या अन्य भरोसेमंद वयस्कों से मदद लेने के लिए प्रेरित किया गया। सत्र में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि बच्चों को अपनी सुरक्षा से जुड़ी किसी भी बात को साझा करने में डर या अपराधबोध महसूस नहीं करना चाहिए। इस सत्र का उद्देश्य बिना किसी भय के जागरूकता बढ़ाना और छात्राओं को यह समझाना था कि उनके शरीर का सम्मान जरूरी है तथा उनकी आवाज़ महत्वपूर्ण है।
 
गतिविधियों के माध्यम से सीखने पर दिया जोर

कार्यक्रम के दौरान छात्राओं की सक्रिय भागीदारी बढ़ाने और उनके लिए सहज माहौल तैयार करने के उद्देश्य से एक मनोरंजक गतिविधि भी आयोजित की गई। इससे छात्राओं को आपस में घुलने-मिलने, उत्साह के साथ भाग लेने और सत्रों में खुलकर अपनी बात रखने का अवसर मिला। पूरे कार्यक्रम को संवादात्मक स्वरूप दिया गया, जिसमें छात्राओं ने सवालों के जवाब दिए, चर्चाओं में हिस्सा लिया और अपने विचार साझा किए। इससे सीखने की प्रक्रिया अधिक रोचक और प्रभावी बनी।
 
‘निखार’: बेटियों के आत्मविश्वास और क्षमताओं को संवारने की पहल

‘निखार’ का पूरा नाम Nurture, Inspire, Know, Hone, Aspire, Achieve and Rise है। आवाज़-ए-ख्वातीन की यह पहल महिलाओं और बालिकाओं के व्यक्तित्व विकास, जागरूकता तथा कौशल संवर्धन के लिए अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शुरू की गई है। एमसीडी को-एड प्राइमरी स्कूल, निजामुद्दीन वेस्ट में आयोजित यह दूसरा कार्यक्रम इस पहल को छोटी उम्र की छात्राओं तक पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। व्यक्तित्व विकास और व्यक्तिगत सुरक्षा को एक साथ जोड़कर आयोजित इस कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि बालिकाओं का सशक्तिकरण केवल शिक्षा तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि उनमें आत्मविश्वास, आत्मसम्मान और अपनी सुरक्षा के प्रति जागरूकता भी विकसित की जानी चाहिए।
 
‘निखार’ के माध्यम से आवाज़-ए-ख्वातीन शैक्षणिक संस्थानों और समुदायों के साथ मिलकर आवश्यक ज्ञान, जीवन कौशल और विकास के अवसर अधिक से अधिक महिलाओं एवं बालिकाओं तक पहुंचाने का प्रयास कर रहा है। संगठन का उद्देश्य ऐसे अवसर और सुरक्षित मंच तैयार करना है, जहां लड़कियां और महिलाएं अपनी क्षमताओं को पहचान सकें, अपने अधिकारों को समझ सकें और आत्मविश्वास के साथ अपने भविष्य को आकार देने में भागीदारी निभा सकें।