यूक्रेन समर्थकों को निशाना बनाने की रूसी साजिश को एफबीआई ने नाकाम किया: अधिकारी

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 16-09-2026
FBI foils Russian plot to target Ukrainian supporters: officials
FBI foils Russian plot to target Ukrainian supporters: officials

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली

 
 संघीय अधिकारियों ने मंगलवार को कहा कि रूस की खुफिया एजेंसियां यूक्रेन का समर्थन करने वाले यूरोपीय देशों और अमेरिका में लक्षित हत्याएं करने की साजिश रच रही हैं। इन अधिकारियों ने पांच ऐसे लोगों के खिलाफ आरोप तय किये जो अभी फरार हैं।

मैनहट्टन की संघीय अदालत में दाखिल आरोपपत्र में कहा गया है कि रूसी खुफिया एजेंसियों के एक नेटवर्क ने अमेरिका और अन्य देशों में लोगों को उन लक्ष्यों पर नजर रखने के लिए पैसे दिए या पैसे देने का प्रयास किया, जिन्हें बाद में मारने की साजिश थी।
 
आरोपपत्र में कहा गया है कि इस नेटवर्क में भर्ती किए गए लोगों को यूक्रेन के समर्थक और उससे जुड़ा समझे जाने वाले यूरोपीय देशों में नागरिक और सैन्य बुनियादी ढांचे के खिलाफ आतंकवादी कृत्य करने के लिए भी कहा गया था।
 
न्यूयॉर्क स्थित एफबीआई कार्यालय के प्रमुख जेम्स सी. बार्नेकल जूनियर ने कहा कि एफबीआई ने ‘लगातार किए गए प्रयासों’ के जरिए इन साजिशों को विफल कर दिया। उन्होंने कहा कि रूसी खुफिया एजेंसियों के सदस्यों और उनके सहयोगियों ने ‘‘अमेरिकी धरती समेत दुनिया भर में लोगों को डराने, धमकाने या उनकी हत्या करने की साजिश रची।’’
 
एफबीआई के वाशिंगटन स्थित कार्यालय के प्रमुख डैरेन बी. कॉक्स ने कहा कि एफबीआई के कई क्षेत्रीय कार्यालयों, विभिन्न इकाइयों और सहयोगी एजेंसियों के असाधारण प्रयासों से रूस के अमेरिकी राजधानी और पूरे अमेरिका में हिंसक कृत्य करने के प्रयासों को सामूहिक रूप से विफल कर दिया गया।
 
उन्होंने एक बयान में कहा कि जब पहली बार खतरे की पहचान हुई तो एफबीआई के वाशिंगटन स्थित कार्यालय और उसके सहयोगियों ने साजिश को विफल करने और रूसी सरकार को उसके कृत्यों के लिए जवाबदेह ठहराने के लिए तेजी से कदम उठाए।
 
बयान के अनुसार, रूसी संघ की खुफिया एजेंसियों के लिए काम करने वाले लोगों के एक नेटवर्क ने कम से कम 2024 से दुनिया भर में हमले और हत्याएं करने की साजिश रची और उन्हें अंजाम भी दिया, जिनमें अमेरिका में किए गए हमले भी शामिल हैं।
 
बयान में कहा गया है कि हाल में नेटवर्क के सदस्यों ने अमेरिका में कई लोगों को भर्ती करने की कोशिश की है।