500 families in Faridabad have been deprived of government water supply for 20 years; Human Rights Commission seeks answers
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
हरियाणा मानवाधिकार आयोग (एचएचआरसी) ने उस शिकायत का गंभीर संज्ञान लिया है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि फरीदाबाद की एक आवासीय सोसाइटी में रह रहे लगभग 500 परिवार को 20 साल से अधिक समय से सरकारी पेयजल की आपूर्ति नहीं हो रही है।
आयोग ने संबंधित अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी है और अंतरिम अवधि में सोसाइटी के निवासियों को सरकारी टैंकरों के जरिये मुफ्त और निर्बाध पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है।
एचएचआरसी के अध्यक्ष न्यायमूर्ति ललित बत्रा ने सुनवाई के दौरान कहा कि सुरक्षित और पर्याप्त पेयजल मिलना केवल नागरिक सुविधा नहीं है, बल्कि यह मानव जीवन, स्वास्थ्य, स्वच्छता और गरिमा के लिए आवश्यक है।
आयोग को दी गई शिकायत में फरीदाबाद के सेक्टर 49 स्थित ‘अचीवर्स सोसाइटी’ (कालिंदी हिल) के निवासियों ने बताया कि इस सोसाइटी को 2004-05 के दौरान ‘टीपी-3’ योजना के तहत विकसित किया गया था।
शुरुआत में सोसाइटी के निवासी परिसर में खोदे गए बोरवेल और निजी पानी टैंकरों के सहारे काम चलाते थे। समय के साथ बोरवेल सूख गए, जिससे निवासियों को अपनी रोजमर्रा की घरेलू जरूरतें पूरी करने के लिए स्थायी रूप से निजी टैंकरों से पानी खरीदने को मजबूर होना पड़ा।