भुवनेश्वर।
रक्षा पेंशन से जुड़ी समस्याओं के त्वरित समाधान और पूर्व सैनिकों से सीधे संवाद स्थापित करने के उद्देश्य से आयोजित 198वें रक्षा पेंशन समाधान आयोजन (आरपीएसए) में बड़ी संख्या में पूर्व सैनिकों, वीर नारियों, वीर माताओं और उनके परिजनों ने हिस्सा लिया। ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर में आयोजित इस कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों ने पेंशन से संबंधित मामलों की मौके पर ही सुनवाई कर कई शिकायतों का तत्काल निपटारा किया।
कंट्रोलर जनरल ऑफ डिफेंस अकाउंट्स (सीजीडीए) ए.एन. दास ने कहा कि रक्षा पेंशन समाधान कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य केवल शिकायतों का निपटारा करना नहीं, बल्कि पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों के साथ सीधे जुड़कर उनकी समस्याओं को समझना और विश्वास का रिश्ता मजबूत करना भी है।
मीडिया से बातचीत में ए.एन. दास ने बताया कि भुवनेश्वर में आयोजित 198वां रक्षा पेंशन समाधान कार्यक्रम विशेष रूप से ओडिशा और आसपास के क्षेत्रों में रहने वाले रक्षा पेंशनभोगियों की समस्याओं के समाधान के लिए आयोजित किया गया। उन्होंने कहा कि विभाग की प्राथमिकता है कि अधिकारी स्वयं पेंशनभोगियों के बीच जाएं, उनसे व्यक्तिगत रूप से मिलें, उनकी शिकायतें सुनें और यथासंभव उसी समय उनका समाधान करें।
उन्होंने बताया कि इस पहल का अगला आयोजन अगले सप्ताह पुणे में किया जाएगा। उनका कहना था कि देश के विभिन्न हिस्सों में ऐसे कार्यक्रम आयोजित कर रक्षा पेंशन प्रणाली को अधिक पारदर्शी, सरल और जनहितकारी बनाया जा रहा है, ताकि किसी भी पूर्व सैनिक या उसके परिवार को अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े।
इस अवसर पर सूर्य कमांड के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ लेफ्टिनेंट जनरल अनिंद्य सेनगुप्ता ने भी इस पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि रक्षा पेंशन समाधान कार्यक्रम पूर्व सैनिकों, वीर नारियों और वीर माताओं के लिए अपनी समस्याएं सीधे संबंधित अधिकारियों के सामने रखने का प्रभावी मंच बन चुका है। इससे पेंशन संबंधी मामलों का समाधान अधिक सरल और सम्मानजनक तरीके से संभव हो रहा है।
लेफ्टिनेंट जनरल सेनगुप्ता ने कहा कि सेना हमेशा अपने पूर्व सैनिकों और शहीद जवानों के परिवारों के साथ खड़ी रही है। ऐसे कार्यक्रम न केवल उनकी शिकायतों का समाधान करते हैं, बल्कि सेना और पूर्व सैनिक समुदाय के बीच संबंधों को भी और मजबूत बनाते हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि भविष्य में भी इस तरह के आयोजन लगातार होते रहेंगे, जिससे पेंशन वितरण व्यवस्था और अधिक सुगम बन सके।
आधिकारिक जानकारी के अनुसार, क्षेत्रीय रक्षा पेंशन समाधान आयोजन का संयुक्त रूप से भारतीय सेना और कंट्रोलर जनरल ऑफ डिफेंस अकाउंट्स विभाग ने आयोजन किया। कार्यक्रम का आयोजन भुवनेश्वर स्थित रेल सदन, जो पूर्वी तट रेलवे का मुख्यालय है, में किया गया।
कार्यक्रम के दौरान भारतीय सेना और रक्षा लेखा विभाग के अधिकारियों ने बड़ी संख्या में लंबित पेंशन मामलों की समीक्षा की। जिन मामलों का तत्काल समाधान संभव था, उनका मौके पर ही निपटारा किया गया, जबकि जटिल मामलों के शीघ्र समाधान के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए। अधिकारियों ने लंबित मामलों के जल्द निपटारे, प्रक्रियाओं को सरल बनाने और विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर विशेष जोर दिया।
रक्षा पेंशन समाधान आयोजन का उद्देश्य पूर्व सैनिकों, वीर नारियों और शहीद सैनिकों के परिवारों को समय पर पेंशन का लाभ उपलब्ध कराना तथा उनकी शिकायतों का सम्मानजनक और पारदर्शी तरीके से समाधान सुनिश्चित करना है। अधिकारियों का मानना है कि इस प्रकार की पहल से न केवल पेंशन व्यवस्था अधिक प्रभावी होगी, बल्कि देश के पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों का सरकारी व्यवस्था पर विश्वास भी और मजबूत होगा।