आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने बृहस्पतिवार को कहा कि प्रक्रियाओं एवं नियमों में सुधार, अधिक कारगर केवाईसी मानदंड और मंजूरी प्रक्रिया को सुगम बनाने से भारत में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) का प्रवाह तेज होगा और निवेशकों को अधिक सुविधा मिलेगी।
गोयल ने यहां पीटीआई-भाषा के साथ बातचीत में कहा कि कुछ ही क्षेत्रों में एफडीआई प्रतिबंधित है और सरकार निवेश व्यवस्था में और सुधार के लिए उद्योग से सुझाव लेने को तैयार है।
उन्होंने विदेशी निवेशकों के लिए कारोबारी सुगमता बढ़ाने के सरकारी प्रयासों के बारे में पूछे जाने पर कहा, ‘‘हमारा ध्यान प्रक्रियाओं और नियमों पर है। एफडीआई का प्रवाह तेज करने और निवेशकों को अधिक सुविधा देने के लिए प्रक्रियाओं और नियमों में सुधार की काफी गुंजाइश है।’’
उन्होंने कहा कि निवेश के लिए उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआईआईटी) या सरकार की मंजूरी जरूरी होने पर प्रक्रियाओं को तेज किया जा सकता है।