आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
बड़े पैमाने पर मार्च निकालने के बाद 12 अक्टूबर को कांग्रेस नेता राहुल गांधी और विपक्ष के 10 प्रमुख नेताओं द्वारा दायर याचिका को मंगलवार को उच्चतम न्यायालय में सुनवाई के लिए सूचीबद्ध नहीं किया गया, क्योंकि रजिस्ट्री द्वारा बताई गई त्रुटियों को अभी तक सुधारा नहीं गया है।
शीर्ष अदालत की वेबसाइट के अनुसार, रजिस्ट्री ने 14 त्रुटियां रेखांकित की हैं, जिनमें मामले के सह-याचिकाकर्ता एवं कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के पहचान पत्र की स्पष्ट प्रति न होना शामिल है।
रजिस्ट्री ने याचिका में कुछ अपठनीय या गायब पन्नों की ओर भी इशारा किया था।
प्रधान न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत ने मुलाकात को लेकर गांधी का अनुरोध ठुकराते हुए उन्हें भरोसा दिलाया था कि अगर न्यायिक पक्ष में याचिका दायर की जाती है तो उस पर जल्द सुनवाई होगी।
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) और निर्वाचन आयोग से जुड़े मुद्दों, कई छात्रों की कथित मनमानी गिरफ्तारी, मेट्रो स्टेशनों को बंद करने और ट्रेनों को रद्द करने के बारे में ज्ञापन सौंपने के लिए मुलाकात का अनुरोध किया था।
प्रधान न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली एक पीठ ने मंगलवार को याचिकाकर्ताओं को भरोसा दिलाया कि अगर त्रुटियां दूर कर ली जाती हैं, तो उनके मामलों को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया जाएगा।