कर्नाटक में एसआईआर के तहत घर-घर जाकर गणना प्रपत्र बांटने का अभियान शुरू

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 30-06-2026
Door-to-door distribution of census forms under SIR begins in Karnataka
Door-to-door distribution of census forms under SIR begins in Karnataka

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली

 
 कर्नाटक में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत घर-घर जाकर गणना का अभियान मंगलवार से शुरू हो गया।
 
निर्वाचन आयोग के अनुसार, आगामी चुनावों के लिए स्वच्छ और त्रुटिरहित मतदाता सूची तैयार करने तथा यह सुनिश्चित करने के उद्देश्य से यह अभियान चलाया जा रहा है कि अपात्र मतदाताओं के नाम सूची में शामिल न हों।
 
इस बीच, राज्य सरकार ने स्थायी निवास प्रमाणपत्र (पीआरसी) जारी करने के लिए विस्तृत दिशानिर्देश और पूरे राज्य में डिजिटल तथा विकेंद्रीकृत सेवा माध्यमों के जरिए समयबद्ध तरीके से प्रमाणपत्र उपलब्ध कराने के लिए एक परिचालन रूपरेखा अधिसूचित की है।
 
राजस्व विभाग ने कहा कि इस नए ढांचे का उद्देश्य स्थायी निवास प्रमाणित करने के लिए एक समान, पारदर्शी और कानूनी रूप से टिकाऊ व्यवस्था स्थापित करना है। साथ ही इसे कर्नाटक सकल सेवा अधिनियम, 2011 तथा मौजूदा डिजिटल प्रशासनिक मंच से जोड़ा जाएगा।
 
सरकारी आदेश में कहा गया है कि स्थायी निवास प्रमाणपत्र (पीआरसी) कर्नाटक राज्य में स्थायी निवास का प्रमाण माना जाएगा।
 
आदेश में कहा गया है कि जहां भी लागू कानूनों, सरकारी आदेशों, अधिसूचनाओं या योजनाओं के दिशा-निर्देशों में स्थायी निवास प्रमाणपत्र की आवश्यकता होगी, वहां इसके लिए एक समान व्यवस्था उपलब्ध करायी जाएगी।
 
दिशानिर्देशों के अनुसार, सक्षम प्राधिकारी जांच और सत्यापन के बाद यदि संतुष्ट हो जाता है कि आवेदक वास्तव में कर्नाटक का स्थायी निवासी है, तो उसे पीआरसी जारी किया जा सकता है।
 
आदेश में पात्रता तय करने के लिए कई आधार बताए गए हैं। इनमें कर्नाटक में जन्म, राज्य में कम से कम 10 वर्ष का सामान्य निवास, कक्षा 12 या समकक्ष तक कर्नाटक के मान्यता प्राप्त शिक्षण संस्थानों में कम से कम 10 शैक्षणिक वर्षों तक अध्ययन, माता-पिता या जीवनसाथी का राज्य में निवास, आवासीय संपत्ति का स्वामित्व या वैध कब्जा, मतदाता सूची, आधार या राशन कार्ड जैसे सरकारी अभिलेखों में नाम, कर्नाटक में कम से कम सात वर्ष तक सरकारी या सार्वजनिक सेवा, पात्र निवासी से विवाह तथा अन्य विश्वसनीय दस्तावेजी, इलेक्ट्रॉनिक या मौखिक साक्ष्य शामिल हैं, जो यह साबित करें कि कर्नाटक ही आवेदक का मुख्य और स्थायी निवास है।