आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) में मध्यप्रदेश मामलों के प्रभारी हरीश चौधरी ने शुक्रवार को कहा कि अयोध्या स्थित राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी के मुद्दे पर वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह की प्रस्तावित पदयात्रा पार्टी का कार्यक्रम नहीं, बल्कि उनकी निजी और गैर-राजनीतिक यात्रा है।
चौधरी ने राम मंदिर के चढ़ावे में कथित हेराफेरी के मामले की उच्चतम न्यायालय की निगरानी में जांच कराने की मांग भी की।
कांग्रेस के पूर्व राज्यसभा सदस्य सिंह ने हाल ही में घोषणा की है कि वह उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर से अयोध्या तक करीब 1,000 किलोमीटर लंबी पदयात्रा की दशहरे (20 अक्टूबर) से शुरुआत करेंगे।
क्या सिंह ने इस पदयात्रा के लिए कांग्रेस संगठन से कोई अनुमति ली है, इस सवाल पर चौधरी ने इंदौर में संवाददाताओं से कहा,‘‘यह कांग्रेस की यात्रा नहीं है। सिंह ने खुद कहा है कि यह उनकी निजी और गैर-राजनीतिक यात्रा है। ऐसे में इस बात का उन्हें पूरा अधिकार है कि वह यह यात्रा किस मकसद से निकालेंगे।’’
क्या सिंह की 1,000 किलोमीटर लंबी पदयात्रा में चौधरी शामिल होंगे, उन्होंने इस सवाल का सीधा जवाब टालते हुए कहा कि वह आज कैसे बता सकते हैं कि वह अगले एक वर्ष में लोगों के निजी कार्यक्रमों में जा सकेंगे या नहीं।
उन्होंने कहा, ‘‘मैं राजनीतिक व्यस्तताओं के चलते अपने मित्रों, परिचितों और परिवार तक के निजी कार्यक्रमों में नहीं जा पाता हूं।’’
राम मंदिर के चढ़ावे में बड़े पैमाने पर हेराफेरी का आरोप लगाते हुए चौधरी ने सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर निशाना साधा और कहा कि यह कृत्य करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था के साथ विश्वासघात है।
उन्होंने मांग की कि उच्चतम न्यायालय की निगरानी में एक स्वतंत्र एजेंसी से इस मामले की जांच कराई जाए।
चौधरी ने यह मांग भी की कि श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को तत्काल प्रभाव से भंग करके उसकी जगह धर्माचार्यों, प्रशासनिक विशेषज्ञों और प्रतिष्ठित नागरिकों के प्रतिनिधित्व वाला नया और पारदर्शी ट्रस्ट गठित किया जाए।
उन्होंने एक सवाल पर कहा कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने उज्जैन के कथित भूमि घोटालों के बारे में जो बयान दिए हैं, वे ही कांग्रेस का ‘अधिकृत रुख’ है।