देश में ईवी बैटरी की मांग 2032 तक 10 गुना होने का अनुमानः आईईएसए

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 14-05-2026
Demand for EV batteries in the country is expected to increase 10-fold by 2032: IESA
Demand for EV batteries in the country is expected to increase 10-fold by 2032: IESA

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली 

 
भारत में इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) के लिए बैटरी की मांग वर्ष 2032 तक करीब 10 गुना बढ़कर 200 गीगावाट-घंटा हो जाने का अनुमान है जबकि 2025 में यह 20 गीगावाट-घंटा थी। उद्योग निकाय इंडिया एनर्जी स्टोरेज अलायंस (आईईएसए) ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।
 
आईईएसए ने एक अध्ययन का हवाला देते हुए कहा कि भारत में ईवी के लिए अवसर अब केवल वाहन निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि असली बढ़त कलपुर्जों के स्थानीय उत्पादन और आपूर्ति शृंखला के विकास में है। इससे भारत को वैश्विक विनिर्माण केंद्र के रूप में स्थापित होने में मदद मिल सकती है।
 
आईईएसए भारतीय ईवी परिदृश्य पर कस्टमाइज्ड एनर्जी सॉल्यूशंस (सीईएस) के सहयोग से तैयार एक अध्ययन रिपोर्ट 8-10 जुलाई को नयी दिल्ली में होने वाले 12वें भारत ऊर्जा भंडारण सप्ताह के दौरान जारी करेगा।
 
रिपोर्ट के अनुसार, देश का ईवी उद्योग अब बड़े बदलाव के दौर में है और यह नीति-प्रेरित शुरुआत से आगे बढ़कर एक व्यापक औद्योगिक पारिस्थितिकी बन चुकी है, जिसमें बैटरी, मोटर, पावर इलेक्ट्रॉनिक्स और आपूर्ति शृंखला शामिल हैं।
 
आईईएसए के अध्यक्ष देबमाल्य सेन ने कहा कि ईवी बाजार तेजी से बढ़ रहा है और 2032 तक बैटरी मांग में 10 गुना उछाल आने की संभावना है। उन्होंने कहा कि आगे की वृद्धि स्थानीय निर्माण, नई बैटरी प्रौद्योगिकी और मजबूत आपूर्ति शृंखला पर निर्भर करेगी।
 
रिपोर्ट के मुताबिक, वर्ष 2025 में भारत में 25 लाख इकाइयों से अधिक ईवी की बिक्री हुई है, जिसमें 15 लाख दोपहिया और सात लाख तिपहिया वाहन शामिल हैं।