Defence sector is the cornerstone of the vision of a self-reliant, strategically secure India: Rajnath
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मंगलवार को कहा कि भविष्य की लड़ाई में रणनीतिक बढ़त प्रौद्योगिकी नेतृत्व से तय होगी और ‘‘आज की हमारी कल्पना ही कल की सैन्य क्षमता बनेगी’’।
सिंह ने यहाँ रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) के एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि 2047 तक ‘विकसित भारत’ का ‘विजन’ केवल आर्थिक रूप से मज़बूत भारत बनाने के बारे में नहीं है, बल्कि एक ऐसा भारत बनाने के बारे में है जो ‘‘प्रौद्योगिकी रूप से आत्मनिर्भर, सामाजिक रूप से समावेशी, पर्यावरण की दृष्टि से टिकाऊ और रणनीतिक रूप से सुरक्षित’’ हो।
सिंह ने कहा कि रक्षा क्षेत्र इस ‘विजन’ की “आधारशिला” है।
उन्होंने कहा, ‘‘2047 तक हमें अहम प्रौद्योगिकी में आत्मनिर्भरता हासिल करनी है, घरेलू सामान के इस्तेमाल में बड़ी बढ़ोतरी करनी है, रक्षा निर्यात में कई गुना वृद्धि करनी है और वैश्विक आपूर्ति शृंखला में भारत की मज़बूत मौजूदगी सुनिश्चित करनी है।’’
रक्षा मंत्री ने कहा कि सहयोग के बिना यह सब हासिल नहीं किया जा सकता और इस क्षेत्र से जुड़े सभी पक्षों के बीच बेहतर साझेदारी होनी चाहिए।