मुंबई
सऊदी अरब और हूती संघर्ष के बीच उड़ानें बड़े पैमाने पर रद्द होने से उमरा के लिए सऊदी अरब गए मूक-बधिर भारतीय जायरीन वहां फंस गए हैं। उनकी सुरक्षित वतन वापसी को लेकर परिजन चिंतित हैं। उन्होंने केंद्र सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की अपील की है।
फंसे हुए जायरीनों के एक परिजन ने बताया कि उनके परिवार को कई वर्षों से उमरा पर जाने की ख्वाहिश थी। इस साल उनकी यह तमन्ना पूरी हुई और उनके भाई हसीन अंसारी तथा भाभी शरीफा बानो अंसारी 8 नवंबर को उमरा के लिए रवाना हुए। उनकी वापसी 24 नवंबर को निर्धारित थी।
परिजन के अनुसार, सुबह से ही उन्हें हसीन अंसारी और शरीफा बानो के संदेश और फोन कॉल मिल रहे थे। उन्होंने बताया कि एयरपोर्ट पर हमले की सूचना मिलने और सभी उड़ानें रोक दिए जाने की खबर से परिवार की चिंता बढ़ गई है।
उन्होंने बताया कि दोनों जायरीन पहले मदीना में ठहरे हुए थे, लेकिन होटल खाली करने के लिए कहे जाने के बाद वे सीधे मक्का चले गए। परिजन ने कहा कि वह लगातार उनसे संपर्क करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन अब उनका फोन नहीं लग रहा है। इससे परिवार की बेचैनी और बढ़ गई है।
परिजन ने कहा, “हमें उनकी सुरक्षा की बेहद चिंता है। हम चाहते हैं कि उन्हें जल्द से जल्द सुरक्षित वापस लाया जाए।”
उन्होंने केंद्र सरकार से अपील की कि सऊदी अरब में फंसे सभी भारतीय नागरिकों की स्थिति पर तत्काल नजर रखी जाए और उनकी सुरक्षित वतन वापसी सुनिश्चित करने के लिए जल्द से जल्द जरूरी कदम उठाए जाएं।