आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
अमेरिका और ईरान के बीच वार्ता की उम्मीद के बीच पश्चिम एशिया में तनाव कम होने के संकेतों से वैश्विक स्तर पर तेल की कीमतों में भारी गिरावट दर्ज की गई। इससे घरेलू वायदा बाजार में कच्चे तेल का भाव सोमवार को छह प्रतिशत से अधिक टूटकर 7,601 रुपये प्रति बैरल पर आ गया।
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर अगस्त में आपूर्ति वाले कच्चे तेल के वायदा अनुबंधों का भाव 512 रुपये यानी 6.31 प्रतिशत फिसलकर 7,601 रुपये प्रति बैरल रह गया। कारोबार के दौरान यह अनुबंध अपने निचले सर्किट स्तर तक भी पहुंच गया।
इसी तरह सितंबर आपूर्ति वाले अनुबंध का भाव भी निवेशकों की व्यापक बिकवाली के बीच 415 रुपये यानी 5.3 प्रतिशत टूटकर 7,424 रुपये प्रति बैरल पर आ गया।
कारोबारियों ने बताया कि घरेलू बाजार में यह तेज गिरावट विदेशी बाजारों की कमजोरी के अनुरूप रही। बाजार सहभागियों ने जोखिम वाले सौदों में कटौती की क्योंकि उन्हें उम्मीद है कि अमेरिका और ईरान के बीच कूटनीतिक प्रयासों से होर्मुज जलडमरूमध्य के जरिये तेल आपूर्ति में लंबे समय तक व्यवधान टल सकता है।
घरेलू बाजार में बिकवाली अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आई तेज गिरावट के अनुरूप रही।
इंटरकॉन्टिनेंटल एक्सचेंज (आईसीई) पर अक्टूबर में आपूर्ति वाले ब्रेंट कच्चे तेल के अनुबंधों का वायदा भाव 6.38 डॉलर यानी 7.3 प्रतिशत टूटकर 81.55 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया।