राजीव नारायण
पुणे शहर में एक बड़ा आयोजन हुआ। भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोवाल को लोकमान्य तिलक राष्ट्रीय पुरस्कार 2026 से सम्मानित किया गया। इस खास कार्यक्रम में देश की प्रमुख हस्तियां मौजूद थीं। गृह मंत्री अमित शाह ने उन्हें यह पुरस्कार सौंपा। सम्मान मिलने के बाद अजित डोवाल ने बेहद प्रेरणादायक बात कही। उन्होंने अपने करियर की बात नहीं की। उन्होंने देश के युवाओं को आगे आने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि भारत के पास आज आगे बढ़ने का सबसे अच्छा मौका है। युवाओं को अनुशासन और कड़ी मेहनत के साथ राष्ट्र निर्माण में लगना होगा।
अजित डोवाल ने लगभग छह दशकों तक देश की सेवा की है। उनका ज्यादातर काम पर्दे के पीछे रहा है। खुफिया अधिकारियों का काम लोग सीधे तौर पर नहीं देखते। उनका काम देश को अदृश्य खतरों से बचाना होता है। इस पुरस्कार समारोह ने देश के नागरिकों को अजित डोवाल के योगदान को नए नजरिए से देखने का मौका दिया।

एनएसए अजित डोभाल को सम्मानित करते गृह मंत्री अमित शाह
सुरक्षा क्षेत्र में आया बड़ा बदलाव
समारोह के दौरान गृह मंत्री अमित शाह ने अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि अजित डोवाल के कार्यकाल में भारत की रक्षा क्षमता में ऐतिहासिक बदलाव आया है। देश की सेना पहले से कहीं अधिक मजबूत हुई है। आज भारत रक्षात्मक और आक्रामक दोनों मामलों में बेहद सक्षम है।
पिछले एक दशक में भारत की सुरक्षा नीति पूरी तरह बदल गई है। पहले भारत किसी भी उकसावे पर केवल कूटनीतिक विरोध दर्ज कराता था। वैश्विक मंचों पर अपनी बात रखता था। अब भारत का रवैया पूरी तरह बदल चुका है। अब देश की प्रतिक्रिया एकदम सटीक और करारा जवाब देने वाली होती है।
वर्ष 2016 में उड़ी हमले के बाद सर्जिकल स्ट्राइक की गई थी। वर्ष 2019 में पुलवामा हमले के बाद बालाकोट एयर स्ट्राइक हुई थी। इन दोनों घटनाओं ने दुनिया को भारत की नई नीति का संदेश दिया। भारत ने साफ कर दिया कि सीमा पार से होने वाले आतंकी हमलों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इन सैन्य कार्रवाइयों के पीछे सटीक खुफिया जानकारी और कड़ा राजनीतिक फैसला शामिल था।
अजित डोवाल के कार्यकाल में भारत की रक्षा क्षमता में ऐतिहासिक बदलाव आया है। देश की सेना पहले से कहीं अधिक मजबूत हुई है। आज भारत रक्षात्मक और आक्रामक दोनों मामलों में बेहद सक्षम है।
-गृह मंत्री अमित शाह
सेना और खुफिया एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल बनाया गया। आतंकियों की फंडिंग को रोकने के लिए सख्त कदम उठाए गए। सीमाओं पर निगरानी बढ़ा दी गई। बुनियादी ढांचे को मजबूत किया गया। नागरिक और सैन्य विभागों ने मिलकर काम किया। इन सब कदमों से देश की सुरक्षा व्यवस्था बेहद मजबूत हो गई।
India’s Silent Shield gets the recognition he deserves.
— Midhun Babu / മിഥുൻ ബാബു🇮🇳 (@MidhunBabu_X) August 1, 2026
NSA Ajit Doval has been conferred the Lokmanya Tilak National Award 2026 by Union Home Minister Amit Shah Ji (@AmitShah )
A lifetime dedicated to protecting India’s national interests pic.twitter.com/375XIye4OT

राष्ट्रीय सुरक्षा पर डोवाल का नजरिया
अजित डोवाल को अक्सर रणनीतिक मामलों का विशेषज्ञ माना जाता है। उनके भाषणों में देश के प्रति गहरा चिंतन झलकता है। वे भारत को केवल एक देश नहीं मानते। वे भारत को एक महान सभ्यता के रूप में देखते हैं।
उनका मानना है कि किसी भी देश की असली ताकत केवल उसके हथियारों या सैनिकों की संख्या में नहीं होती। देश की असली ताकत उसके नागरिकों के आत्मविश्वास में होती है। जब देश के लोग अपनी पहचान और संस्कृति पर गर्व करते हैं, तब राष्ट्र मजबूत बनता है।
आज का दौर डिजिटल तकनीक और सूचना का दौर है। साइबर हमले और फर्जी खबरें देश की शांति भंग कर सकती हैं। डोवाल ने इस बात पर कई बार जोर दिया है। असली ताकत उन लोगों के पास होती है जो दूसरों की सोच को बदल सकते हैं। फर्जी खबरें किसी भी राष्ट्र के भविष्य को नुकसान पहुंचा सकती हैं। इसलिए नागरिकों का सही और शिक्षित होना बेहद जरूरी है।
सुरक्षा केवल सेना या पुलिस की जिम्मेदारी नहीं है। यह पूरे देश की साझी जिम्मेदारी है। एक नागरिक के रूप में हर व्यक्ति को देश के प्रति सजग रहना होगा। जब समाज में एकता होगी, तभी देश सुरक्षित रहेगा।

आर्थिक और तकनीकी मजबूती जरूरी
अजित डोवाल का मानना है कि मजबूत सेना के साथ आर्थिक और तकनीकी प्रगति भी उतनी ही जरूरी है। कोई भी देश तब तक पूरी तरह सुरक्षित नहीं हो सकता जब तक वह तकनीक और अर्थव्यवस्था के मामले में आत्मनिर्भर न बने।
भारत आज तेजी से विकास कर रहा है। नए उद्योगों की शुरुआत हो रही है। रक्षा क्षेत्र में नए उपकरणों का निर्माण देश में ही हो रहा है। इन सब बदलावों से भारत वैश्विक मंच पर एक मजबूत शक्ति बनकर उभर रहा है।
किसी भी देश की ताकत का अंदाजा उसके लोगों की इच्छाशक्ति से लगाया जाता है। भारत के लोगों में आगे बढ़ने का गजब का जज्बा है। इसी इच्छाशक्ति के बल पर देश हर चुनौती का सामना कर रहा है।

देश निर्माण में युवाओं की भूमिका
लोकमान्य तिलक पुरस्कार प्राप्त करते समय डोवाल ने युवाओं पर सबसे ज्यादा ध्यान केंद्रित किया। आज भारत की सबसे बड़ी ताकत उसकी युवा आबादी है। अगर युवा सही दिशा में काम करें, तो भारत को दुनिया की सबसे बड़ी ताकत बनने से कोई नहीं रोक सकता।
पुरस्कार समारोह में मौजूद लोगों ने डोवाल के विचारों का तालियों से स्वागत किया। यह पुरस्कार केवल उनके पुराने कामों का सम्मान नहीं था। यह भारत के सुरक्षित और उज्ज्वल भविष्य का एक नया संकल्प भी था।
अजित डोवाल का जीवन देश सेवा का एक बेहतरीन उदाहरण है। उन्होंने पर्दे के पीछे रहकर देश को सुरक्षित रखा। अब उनके विचार देश के करोड़ों लोगों को प्रेरित कर रहे हैं। भारत आज सुरक्षा के मामले में आत्मनिर्भर बन रहा है। देश की नीतियां पहले से ज्यादा स्पष्ट हैं। आने वाले समय में भारत दुनिया के नक्शे पर एक नई और अजेय ताकत के रूप में जाना जाएगा।

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