आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के कार्यकर्ताओं ने वेनेजुएला में अमेरिकी सैन्य कार्रवाई की निंदा करते हुए मंगलवार को यहां प्रदर्शन किया। पार्टी के वरिष्ठ नेता और कुलगाम के विधायक एम वाई तारिगामी ने केंद्र सरकार से अपने बयान की समीक्षा करने और इस "खुली आक्रामकता" के खिलाफ "कड़ा संदेश" देने की अपील की।
माकपा कार्यकर्ता डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन की कार्रवाई के खिलाफ नारेबाजी करते हुए यहां एक पार्क में एकत्र हुए। उन्होंने वेनेजुएला में राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी के खिलाफ शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया।
तारिगामी ने संवाददाताओं से कहा, "अमेरिका की यह कार्रवाई अंतरराष्ट्रीय कानूनों और संयुक्त राष्ट्र चार्टर का उल्लंघन है। ट्रंप प्रशासन ने एक संप्रभु लातिन अमेरिकी देश के खिलाफ खुलेआम आक्रामकता दिखाई है और निहत्थे लोगों के खिलाफ बल प्रयोग किया है, जो बर्बरतापूर्ण कृत्य है।"
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि इस तरह की कार्रवाइयां संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के अधिकार और संप्रभु राष्ट्रों के खिलाफ आक्रामकता को रोकने के लिए स्थापित अंतरराष्ट्रीय कानूनी ढांचे को कमजोर करती हैं।
माकपा नेता ने अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की उस कथित टिप्पणी की आलोचना की, जिसमें उन्होंने दावा किया था कि भारत रूस से कच्चे तेल की खरीद कम करके "उन्हें खुश करना चाहता है।"