Court extends interim protection granted to Trinamool MP Mahua Moitra in hate speech case
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
कलकत्ता उच्च न्यायालय ने बृहस्पतिवार को कथित घृणास्पद भाषण के एक मामले में तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा को दंडात्मक कार्रवाई से मिली अंतरिम सुरक्षा अगले वर्ष 29 जनवरी तक बढ़ा दी।
पश्चिम बंगाल सरकार की ओर से पेश महाधिवक्ता सुरोजित नाथ मित्र ने अदालत में एक रिपोर्ट दाखिल की, जिसमें कहा गया कि मोइत्रा 14 अगस्त को नादिया जिले के होगल बेरिया थाने में पेश हुईं और उन्होंने पहले दिए गए निर्देश के अनुसार जांच अधिकारियों द्वारा पूछे गए सवालों के जवाब दिए।
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि कथित घृणास्पद भाषण के मामले की जांच जारी है।
मोइत्रा के वकील ने अदालत को बताया कि 14 अगस्त को थाने में पेश होने के दौरान उन पर अंडे नहीं फेंके गए थे। उन्होंने पहले दावा किया था कि जब भी मोइत्रा नादिया जिले में अपने कृष्णानगर लोकसभा क्षेत्र का दौरा करती हैं, तब उन पर अंडे फेंके जाते हैं।
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद न्यायमूर्ति सौगत भट्टाचार्य ने मामले में मोइत्रा को दंडात्मक कार्रवाई से मिली अंतरिम सुरक्षा 29 जनवरी, 2027 तक बढ़ा दी और अगली सुनवाई के लिए 13 जनवरी की तारीख तय की।
इस याचिका में कृष्णानगर की सांसद ने होगल बेरिया थाने में दर्ज मामले में उनके खिलाफ शुरू की गई आपराधिक कार्यवाही को रद्द करने का अनुरोध किया था। उन्होंने दावा किया था कि उनके खिलाफ मनगढ़ंत और दुर्भावनापूर्ण आरोप लगाए गए हैं।
न्यायमूर्ति भट्टाचार्य ने 21 जुलाई को कथित घृणास्पद भाषण के मामले में मोइत्रा को दंडात्मक कार्रवाई से अंतरिम सुरक्षा देते हुए उन्हें 14 अगस्त को जांच अधिकारी के समक्ष पेश होकर पूछताछ में शामिल होने का निर्देश दिया था।
अदालत ने निर्देश दिया था कि निर्धारित शर्तों के अनुपालन की स्थिति में पांच अक्टूबर तक उनके खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाए।