आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
गोवा सरकार ने ‘ओल्ड गोवा’ के संरक्षित विरासत क्षेत्र और सेंट क्रूज ग्राम पंचायत में मैंग्रोव के एक हिस्से के आसपास स्थित चार लाख वर्ग मीटर पर्यावरणीय रूप से संवेदनशील भूमि को ‘नो डेवलपमेंट जोन’ घोषित किया है। इसके तहत इन भूमि क्षेत्रों में किसी भी प्रकार के निर्माण या विकास गतिविधि पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।
राज्य के नगर एवं ग्राम नियोजन मंत्री विश्वजीत राणे ने शनिवार को कहा कि बागानों, नमक के खेतों और मैंग्रोव वाले इन क्षेत्रों का संरक्षण नगर एवं ग्राम नियोजन अधिनियम की धारा 39(ए) के तहत किया गया है।
नगर एवं ग्राम नियोजन (टीसीपी) बोर्ड ने बृहस्पतिवार को जारी अधिसूचना में ओल्ड गोवा के आसपास कुल 1.02 लाख वर्ग मीटर भूमि को ‘नो डेवलपमेंट जोन’ घोषित किया है, जिसमें आंशिक रूप से बागान और एक पुरातात्विक उद्यान शामिल हैं।
ओल्ड गोवा तटीय राज्य की पूर्व औपनिवेशिक राजधानी है और यह यूनेस्को की विश्व धरोहर स्थलों की सूची में शामिल है। यहां गिरजाघर और पुर्तगाली औपनिवेशिक काल की इमारतें स्थित हैं।
टीसीपी बोर्ड ने उत्तर गोवा के सेंट क्रूज गांव में 3.37 लाख वर्ग मीटर क्षेत्र को भी ‘नो डेवलपमेंट जोन’ घोषित किया है, जिसमें नमक के खेत, मैंग्रोव और अन्य पर्यावरणीय रूप से संवेदनशील स्थल शामिल हैं।
राणे ने कहा कि इस गांव में नमक के खेत और धान के खेत स्थित हैं, जिन्हें आवासीय क्षेत्रों में बदलने से बचाना जरूरी है।