‘वंदे मातरम्’ के केवल दो अंतरे गाने का कांग्रेस का फैसला तुष्टीकरण की राजनीति है: अमित शाह

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 20-08-2026
Congress' decision to sing only two stanzas of 'Vande Mataram' is appeasement politics: Amit Shah
Congress' decision to sing only two stanzas of 'Vande Mataram' is appeasement politics: Amit Shah

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली

 
 केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कांग्रेस पर तीखा हमला करते हुए बृहस्पतिवार को कहा कि ‘वंदे मातरम्’ के केवल दो अंतरे गाने का पार्टी का फैसला न केवल ‘‘राष्ट्रविरोधी’’ है बल्कि कानून की खुली अवहेलना और ‘‘वोट बैंक’’ के लिए तुष्टीकरण की राजनीति भी है।
 
शाह ने राष्ट्रगीत को पूरा गाने के बजाय केवल दो अंतरे गाने के कांग्रेस कार्य समिति (सीडब्ल्यूसी) के फैसले का उल्लेख करते हुए देश के विभाजन के इतिहास का जिक्र किया और कहा कि ‘वंदे मातरम्’ के टुकड़े करने के कारण देश को इसके परिणाम भुगतने पड़े।
 
शाह ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर कहा, ‘‘कांग्रेस कार्यसमिति ने 'वंदे मातरम्' के पूर्ण गान की जगह केवल दो अंतरे गाने का जो फैसला किया है, वह न केवल देश विरोधी है बल्कि संसद के बनाए कानून की खुली अवहेलना भी है।’’
 
उन्होंने कहा, ‘‘कांग्रेस ने ही 1937 में तुष्टीकरण के लिए 'वंदे मातरम्' के दो टुकड़े किए।’’
 
उन्होंने कहा, ‘‘वहीं से दो-राष्ट्र सिद्धांत को ताकत मिली और देश का विभाजन हुआ। 'वंदे मातरम्' के 150वें वर्ष पर (प्रधानमंत्री नरेन्द्र) मोदी (के नेतृत्व वाली) सरकार ने यह ऐतिहासिक गलती सुधारी और पूर्ण गान को कानूनी स्वरूप दिया लेकिन राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस फिर उसी वोट बैंक के लिए तुष्टीकरण के रास्ते पर है।’’
 
उन्होंने कहा कि ‘वंदे मातरम्’ के टुकड़े करने की गलती एक बार हो चुकी है और देश उसके परिणाम भुगत चुका है।