आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
कांग्रेस ने शनिवार को आरोप लगाया कि 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान छह जवानों के बलिदान के बारे में जानकारी छिपाकर सैनिकों का अपमान किया गया और इस विषय पर देश की संसद को भी गुमराह किया गया।
पार्टी के मीडिया विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह द्वारा पिछले साल मानसून सत्र के दौरान लोकसभा में दिए गए भाषण के एक हिस्से का वीडियो 'एक्स' पर साझा किया, जिसमें सिंह यह कहते सुने जा सकते हैं कि 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान देश के जांबाज सैनिकों को कोई क्षति नहीं हुई है।
दरअसल, पिछले साल ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान कर्तव्य निर्वहन के समय वीरगति को प्राप्त हुए छह सैन्य कर्मियों के नाम राष्ट्रीय समर स्मारक पर अंकित किए गए हैं।
इन सैन्यकर्मियों में थलसेना के पांच और भारतीय वायुसेना के एक कर्मी का नाम शामिल है।
मई 2025 में भारतीय सशस्त्र बलों द्वारा किए गए सैन्य अभियान के बाद यह पहली बार है, जब सरकार ने इन छह कर्मियों के नाम जारी किए हैं।
खेड़ा ने कहा, ‘‘ सिर्फ़ दो ही संभावनाएं हैं। या तो रक्षा मंत्री ने जब संसद को संबोधित किया तो उनको यह जानकारी ही नहीं थी कि छह सैनिक शहीद हो चुके थे। यदि ऐसा है, तो यह उस मंत्री पर गंभीर प्रश्नचिह्न है जिसे उसी मंत्रालय के मामलों की जानकारी नहीं है जिसका वह नेतृत्व कर रहे हैं।’’
उन्होंने कहा कि दूसरी संभावना है कि सिंह को सच्चाई मालूम थी और इसके बावजूद उन्होंने संसद को गुमराह करना चुना।
खेड़ा के अनुसार, यह उससे भी अधिक गंभीर है, क्योंकि इससे यह सिद्ध होता है कि यह सरकार लोकतंत्र के मंदिर में, शपथ के साथ, देश से झूठ बोलती है।
कांग्रेस नेता ने कहा, "जो भी सच हो, कुछ तथ्य नहीं बदलते। हमारे छह वीर जवानों ने कर्तव्य निभाते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया। लेकिन उनके बलिदान को छिपाया गया। उन्हें वह सम्मान और मान्यता नहीं दी गई जिसके वे हकदार थे। और उनके परिवारों से वह पारदर्शिता भी छीन ली गई जिसकी वे अपेक्षा रखते थे।"