PM मोदी सेशेल्स में 194 वर्षीय कछुए ‘जोनाथन’ से करेंगे मुलाकात

Story by  ओनिका माहेश्वरी | Published by  onikamaheshwari | Date 27-06-2026
PM Modi to meet 194-year-old tortoise ‘Jonathan’ in Seychelles
PM Modi to meet 194-year-old tortoise ‘Jonathan’ in Seychelles

 

ओनिका माहेश्वरी/ नई दिल्ली  

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आगामी सेशेल्स यात्रा कई मायनों में ऐतिहासिक होने जा रही है। इस दौरे के दौरान पीएम मोदी दुनिया के सबसे उम्रदराज जीवित स्थलीय जानवर माने जाने वाले 194 वर्षीय विशालकाय कछुए ‘जोनाथन’ से मुलाकात करेंगे। यह कार्यक्रम सेशेल्स नेशनल बॉटनिकल गार्डन में आयोजित किया जाएगा, जहां प्रधानमंत्री एक पौधारोपण कार्यक्रम में भी हिस्सा लेंगे।

यह यात्रा भारत और सेशेल्स के बीच कूटनीतिक संबंधों की 50वीं वर्षगांठ के अवसर पर हो रही है। इस खास मौके पर प्रधानमंत्री मोदी को सेशेल्स के राष्ट्रीय दिवस समारोह में गेस्ट ऑफ ऑनर के रूप में आमंत्रित किया गया है। इस दौरान वे सेशेल्स के शीर्ष नेतृत्व के साथ द्विपक्षीय वार्ता भी करेंगे, जिसमें समुद्री सुरक्षा, ब्लू इकोनॉमी, जलवायु परिवर्तन, साइबर सुरक्षा और क्षमता निर्माण जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है।

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‘जोनाथन’ दुनिया का सबसे उम्रदराज स्थलीय जीव

जोनाथन, जो सेशेल्स का विशालकाय कछुआ (Seychelles giant tortoise) है, को गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स ने दुनिया का सबसे उम्रदराज जीवित स्थलीय जानवर घोषित किया है। माना जाता है कि उसका जन्म वर्ष 1832 में हुआ था, यानी उसकी उम्र लगभग 194 वर्ष हो चुकी है। यह कछुआ करीब दो सदियों से दुनिया में हो रहे ऐतिहासिक बदलावों का साक्षी रहा है।

गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के अनुसार, आम तौर पर इस प्रजाति के कछुए लगभग 150 वर्ष तक जीवित रहते हैं, लेकिन जोनाथन ने इस सीमा को भी काफी पीछे छोड़ दिया है। हाल ही में गिनीज ने अपने आधिकारिक X (पूर्व ट्विटर) हैंडल पर भी जोनाथन को “आइकन” के रूप में मान्यता दी है।

वैज्ञानिकों के लिए शोध का विषय

अपनी असाधारण उम्र और जीवित रहने की क्षमता के कारण जोनाथन वैज्ञानिकों के लिए भी आकर्षण का केंद्र बन गया है। विशेषज्ञ अब उसकी उम्र बढ़ने की प्रक्रिया और डीएनए संरचना पर शोध कर रहे हैं, ताकि दीर्घायु (longevity) से जुड़े रहस्यों को समझा जा सके।

हालांकि उम्र के इस पड़ाव पर जोनाथन की दृष्टि कमजोर हो चुकी है और उसे मोतियाबिंद जैसी समस्याएं भी हैं, लेकिन पशु चिकित्सकों की देखभाल के चलते उसकी सेहत स्थिर बनी हुई है। वह अब भी सेशेल्स का एक प्रमुख आकर्षण बना हुआ है।

पर्यावरण और सहयोग पर जोर

प्रधानमंत्री मोदी का सेशेल्स नेशनल बॉटनिकल गार्डन दौरा केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं होगा, बल्कि यह पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास का संदेश भी देगा। पौधारोपण कार्यक्रम के जरिए पर्यावरण संरक्षण के महत्व को रेखांकित किया जाएगा। भारत और सेशेल्स के बीच यह दौरा दोनों देशों के रिश्तों को और मजबूत करने की दिशा में अहम माना जा रहा है। विशेष रूप से समुद्री सुरक्षा, नीली अर्थव्यवस्था और जलवायु परिवर्तन जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की संभावनाएं जताई जा रही हैं।

 

 

200 साल की ओर बढ़ता जीवन

जोनाथन अब अपने जीवन के 200वें वर्ष के करीब पहुंच रहा है, जो इसे न केवल एक जैविक चमत्कार बनाता है बल्कि वैज्ञानिक अध्ययन का एक अनमोल उदाहरण भी। इसकी लंबी उम्र और ऐतिहासिक उपस्थिति इसे दुनिया के सबसे अनोखे जीवों में शामिल करती है।

इस तरह, प्रधानमंत्री मोदी की यह यात्रा केवल कूटनीतिक दृष्टि से ही नहीं, बल्कि पर्यावरण और वैज्ञानिक दृष्टिकोण से भी बेहद खास मानी जा रही है।