आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
परीक्षा में कथित गड़बड़ियों को लेकर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और सरकार की जवाबदेही की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) का विरोध प्रदर्शन मंगलवार को 18वें दिन में प्रवेश कर गया। वहीं, कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल का यह दसवां दिन है।
कॉजपा के संस्थापक अभिजीत दीपके ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि अनशन शुरू करने के बाद से वांगचुक का वजन छह किलोग्राम कम हो गया है और उनका रक्तचाप ‘‘काफी कम’’ बना हुआ है। दीपके ने सवाल किया, ‘‘सरकार कब जागेगी?’’
इस बीच, संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) के एक प्रतिनिधिमंडल ने प्रदर्शनकारियों के समर्थन में जंतर-मंतर स्थित धरना स्थल का दौरा किया। किसान संगठन ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रधान के इस्तीफे, राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) को समाप्त करने, आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को मुआवजा देने और परीक्षा में अनियमितताओं के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
प्रतिनिधिमंडल में हन्नान मोल्ला, पी. कृष्णप्रसाद और अन्य सहित एसकेएम के कई घटक संगठनों के नेता शामिल थे।
इस बीच, दिल्ली उच्च न्यायालय ने कॉजपा के ‘एक्स’ खाते को फिर से सक्रिय करने का आदेश दिया। इस खाते पर मई में रोक लगा दी गई थी।
न्यायमूर्ति स्वर्ण कांता शर्मा ने यह फैसला कॉजपा के संस्थापक दीपके द्वारा केंद्र सरकार के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनाया।
इस आदेश पर प्रतिक्रिया देते हुए, दीपके ने इसे कॉजपा, आंदोलन, अभिव्यक्ति की आजादी और डिजिटल अधिकारों के लिए ‘‘एक बड़ी जीत’’ बताया। उन्होंने एक पोस्ट में कहा, ‘‘हम ऑनलाइन और ऑफलाइन, दोनों तरह से युवाओं की आवाज उठाते रहेंगे।’’
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी लेनिनवादी) लिबरेशन से संबद्ध ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) के सदस्य- नेहा, मनीष, ऋषिकेश, दीपक कुमार वर्मा और आमीन-ने प्रदर्शन स्थल पर एक अलग मंच पर अपनी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल जारी रखी।