खाद्य सुरक्षा अधिनियम में प्रस्तावित संशोधन गरीब विरोधी : माकपा

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 07-07-2026
Proposed amendment in Food Security Act is anti-poor: CPI(M)
Proposed amendment in Food Security Act is anti-poor: CPI(M)

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली

 
 मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (एनएफएसए) में प्रस्तावित संशोधन का विरोध करते हुए मंगलवार को कहा कि यह गरीबों के हितों के खिलाफ है और इसे तत्काल वापस लिया जाना चाहिए।
 
माकपा पोलित ब्यूरो ने एक बयान में कहा कि वह एनएफएसए में प्रस्तावित उस संशोधन का कड़ा विरोध करती है, जिसके तहत अंत्योदय अन्न योजना (एएवाई) के लाभार्थियों के लिए खाद्यान्न पात्रता को परिवार आधारित व्यवस्था से बदलकर प्रति व्यक्ति आधार पर करने का प्रस्ताव है।
 
पार्टी का कहना है कि प्रति व्यक्ति सात किलोग्राम खाद्यान्न देने का प्रस्ताव बड़े परिवारों को कोई अतिरिक्त लाभ नहीं देगा, क्योंकि उनके लिए मासिक खाद्यान्न की अधिकतम सीमा 35 किलोग्राम ही रहेगी। वहीं, छोटे परिवारों को मौजूदा व्यवस्था के तहत मिलने वाले 35 किलोग्राम खाद्यान्न का लाभ कम हो जाएगा।
 
बयान में दावा किया गया कि इस संशोधन का सबसे ज्यादा असर समाज के गरीब और कमजोर तबकों पर पड़ेगा, जिनमें बुजुर्ग दंपति, विधवाएं, दिव्यांगजन, आदिवासी परिवार, भूमिहीन कृषि मजदूर, दिहाड़ी श्रमिक, गंभीर बीमारियों से पीड़ित लोग तथा छोटे परिवार शामिल हैं, जिनकी खाद्य सुरक्षा अंत्योदय अन्न योजना पर निर्भर है।
 
माकपा ने कहा कि प्रस्तावित संशोधन का प्रतिकूल प्रभाव विशेष रूप से दक्षिणी राज्यों पर पड़ेगा, जहां परिवार नियोजन कार्यक्रमों के सफल क्रियान्वयन के कारण औसत परिवार का आकार छोटा है। पार्टी का दावा है कि इससे इन राज्यों के लिए खाद्यान्न आवंटन में काफी कमी आ सकती है।
 
सरकार अंत्योदय अन्न योजना (एएवाई) के तहत प्रति व्यक्ति प्रति माह खाद्यान्न की मात्रा को सात किलोग्राम करने पर विचार कर रही है। हालांकि, इसकी अधिकतम सीमा 35 किलोग्राम ही रहेगी। इस कदम से बड़े गरीब परिवारों को लाभ होगा।
 
खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग ने राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 में संशोधन का प्रस्ताव रखा है। खाद्य मंत्रालय ने राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा (संशोधन) विधेयक, 2026 पर 13 जुलाई तक आम लोगों से सुझाव और टिप्पणियां मांगी हैं।