आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
जम्मू-कश्मीर विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष सुनील शर्मा ने राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग को लेकर नेशनल कॉन्फ्रेंस (एनसी) के प्रस्तावित जंतर-मंतर प्रदर्शन को ‘‘आंखों में धूल झोंकने वाला कदम’’ करार देते हुए शुक्रवार को कहा कि सरकार इस तरह के ‘‘नाटक’’ के जरिए अपनी विफलताओं को छिपाने की कोशिश कर रही है।
नेशनल कॉन्फ्रेंस ने 20 जुलाई को दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन में शामिल होने के लिए देशभर के 52 राजनीतिक और धार्मिक संगठनों के नेताओं को पत्र लिखा है।
पार्टी का कहना है कि प्रदर्शन का उद्देश्य केंद्र सरकार पर जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा बहाल करने के लिए दबाव बनाना है।
पार्टी ने भाजपा की जम्मू-कश्मीर इकाई के अध्यक्ष सत शर्मा को भी प्रदर्शन में शामिल होने का निमंत्रण दिया है।
हालांकि, नेता प्रतिपक्ष ने यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा कि भाजपा इस प्रदर्शन में शामिल नहीं होगी।
शर्मा ने आरोप लगाया, ‘‘उन्होंने अपनी विफलताओं को छिपाने के लिए एक नया नाटक शुरू किया है। मुझे समझ नहीं आता कि जम्मू-कश्मीर के लोग बार-बार इनके नाटकों से क्यों प्रभावित हो जाते हैं। पिछले तीन पीढ़ियों से ये लोग तरह-तरह के नाटक करते आए हैं। अब तीसरी पीढ़ी जंतर-मंतर पर नया नाटक कर रही है। यह लोगों की आंखों में धूल झोंकने की कोशिश है। आप राज्य का दर्जा बहाल करने के नाम पर भ्रष्टाचार कर रहे हैं।’’
भाजपा नेता ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि जब लोग सरकार से जवाब मांगते हैं, तो वह कहती है कि वह जंतर-मंतर जाकर राज्य का दर्जा मांगेगी।