आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर शुक्रवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने विभाजन के पीड़ितों को श्रद्धांजलि दी। वहीं, पार्टी नेताओं ने देश के विभाजन के दौरान लाखों लोगों द्वारा झेली गई पीड़ा, विस्थापन और नुकसान को याद किया।
नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार देश के विभाजन के बाद हुए दंगों और उसके कारण हुए पलायन में जान गंवाने वाले लोगों की स्मृति में 2021 से 14 अगस्त को ‘विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस’ के तौर पर मना रही है।
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने कहा कि उस समय कांग्रेस नेतृत्व की ‘‘गलत नीतियों’’ और ‘‘सत्ता की राजनीति’’ ने देश की अखंडता और स्वाभिमान को गहरी चोट पहुंचाई।
नवीन ने ‘एक्स’ पर कहा, ‘‘विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर उन सभी पीड़ितों को विनम्र श्रद्धांजलि, जिन्होंने देश के विभाजन के दौरान असहनीय पीड़ा और अकल्पनीय त्रासदियों का सामना किया।’’
उन्होंने कहा, ‘‘कांग्रेस के तत्कालीन नेतृत्व की नीतिगत भूलों और सत्ता की राजनीति ने मां भारती की अखंडता और स्वाभिमान को गहरी चोट पहुंचाई। इसका दंश करोड़ों लोगों ने नरसंहार, विस्थापन और अपनों से बिछड़ने के रूप में सहा।’’
नवीन ने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में विभाजन विभीषिका दिवस के माध्यम से इस पीड़ादायक अध्याय को देश की सामूहिक स्मृति में जीवित रखने का कार्य किया गया है। यह दिवस हमें स्मरण कराता है कि राष्ट्रहित सर्वोपरि है और ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ के संकल्प के साथ आगे बढ़ना ही उन असंख्य पीड़ितों के प्रति सच्चा सम्मान है।’’
केंद्रीय मंत्री जे. पी. नड्डा ने विभाजन को एक ‘‘त्रासदी’’ बताया जिसकी पीड़ा अब भी लोगों की आंखों में दिखती है। उन्होंने कहा कि राजनैतिक आकांक्षाओं और संकीर्ण विचारधाराओं के कारण धर्म के नाम पर देश का विभाजन हुआ।
नड्डा ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘भारत का विभाजन एक ऐसी त्रासदी थी जिसकी पीड़ा आज भी अनेक आंखों में झलकती है।’’
उन्होंने उन सभी परिवारों को नमन किया जिन्होंने अपनी जमीन और अपनों को खोकर भी नए सिरे से देश के पुनर्निर्माण में अपना योगदान दिया।
नड्डा ने कहा, ‘‘मैं उन सभी परिवारों को नमन करता हूं, जिन्होंने अपनी जमीन और अपनों को खोकर भी नए सिरे से देश के पुनर्निर्माण में अपना योगदान दिया।’’