अंडमान के उपराज्यपाल ने नीति आयोग की बैठक में द्वीपों की जरूरतों के अनुरूप विकास मॉडल की पैरवी की

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 05-11-2026
Andaman Lt Governor advocates for a development model suited to the needs of the islands at the NITI Aayog meeting
Andaman Lt Governor advocates for a development model suited to the needs of the islands at the NITI Aayog meeting

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली

 
 अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह के उपराज्यपाल दिनेश शर्मा ने नयी दिल्ली में नीति आयोग की एक उच्चस्तरीय बैठक में इस केंद्र शासित प्रदेश के समावेशी और सतत विकास के लिए एक रूपरेखा पेश की। बृहस्पतिवार को एक आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी गयी।
 
बयान में कहा गया है कि बुधवार को हुई इस बैठक की अध्यक्षता नीति आयोग के उपाध्यक्ष अशोक कुमार लाहिड़ी ने की। इसमें आयोग के सदस्य आर. सुब्रह्मण्यम, मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) अनुराग जैन, केंद्र शासित प्रदेश के मुख्य सचिव ज्ञानेश भारती और विभिन्न केंद्रीय मंत्रालयों के वरिष्ठ अधिकारियों ने हिस्सा लिया।
 
हिंद-प्रशांत क्षेत्र में द्वीपसमूह के सामरिक महत्व को रेखांकित करते हुए शर्मा ने कहा कि यहां की भौगोलिक चुनौतियों को देखते हुए विकास के लिए द्वीपों की विशिष्ट जरूरतों के अनुरूप दृष्टिकोण अपनाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि 8,249 वर्ग किलोमीटर में फैले इस द्वीपसमूह के 31 द्वीपों पर लोग रहते हैं।
 
उन्होंने निर्माण सामग्री और आवश्यक वस्तुओं को मुख्य भूमि से लाने-ले जाने की ऊंची लागत का हवाला देते हुए केंद्र की योजनाओं के नियमों में लचीलापन देने की मांग की। बैठक में ग्रेट निकोबार में प्रस्तावित परियोजनाओं पर भी चर्चा हुई।
 
बयान के अनुसार, हवाई संपर्क से जुड़ी चिंताओं पर भी प्रमुखता से चर्चा हुई। इनमें उड़ानों की घटती संख्या और हवाई किराये का महंगा होना शामिल है।
 
शर्मा ने राष्ट्रीय राजमार्ग-4 के उन्नयन के काम में तेजी लाने पर जोर दिया। बैठक में 265 गांवों में जलापूर्ति व्यवस्था में सुधार, पुरानी पाइपलाइनों को बदलने, स्वास्थ्य सुविधाओं के बुनियादी ढांचे, अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह आयुर्विज्ञान संस्थान (एएनआईआईएमएस) में एमआरआई सुविधाओं के विस्तार और नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देने की भी समीक्षा की गई।