आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
अम्मा मक्कल मुनेत्र कषगम (एएमएमके) प्रमुख टी टी वी दिनाकरन ने तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) पर सरकार गठन का दावा पेश करने के लिए ‘‘फर्जी’’ समर्थन पत्र का इस्तेमाल करके ‘‘खरीद फरोख्त में लिप्त होने’’ का आरोप लगाया। विजय के नेतृत्व वाली पार्टी ने आरोप से इनकार किया।
दिनाकरन ने यह भी सवाल किया कि टीवीके को समर्थन देने का कथित वादा करने वाला मूल पत्र विजय की पार्टी द्वारा राज्यपाल को क्यों नहीं सौंपा गया और उन्होंने इस मामले को कानूनी रूप से आगे बढ़ने की बात कही।
यह विवाद एएमएमके के मन्नारगुडी से एकमात्र विधायक एस. कामराज द्वारा हस्ताक्षरित कथित पत्र पर केंद्रित है, जिसमें उन्होंने टीवीके को समर्थन देने का वादा किया है।
दिनाकरन ने पत्र को ‘‘जाली’’ करार दिया, वहीं टीवीके ने जवाब में एक वीडियो जारी किया जिसमें कामराज कथित तौर पर कार के अंदर पत्र पर हस्ताक्षर करते हुए दिख रहे हैं।
टीवीके ने विधानसभा में आवश्यक संख्या हासिल करने के लिए किसी भी तरह की "खरीद फरोख्त" से भी इनकार किया और कहा कि पार्टी नेता विजय इतने नीचे नहीं गिरेंगे।
दिनाकरन ने वीडियो की प्रामाणिकता पर सवाल उठाए। उन्होंने सवाल किया, ‘‘आप उनसे (कामराज से) किस आधार पर मिले? कहां मिले? किस कार में? किस शहर में? आप उसे कहां ले गए?’’
दिनाकरन ने कहा, ‘‘मुझे संदेह है कि बहुमत नहीं होने के कारण सरकार बनाने की हताश टीवीके खरीद-फरोख्त में लिप्त हुई होगी।’’
दिनाकरन ने सवाल किया कि क्या विजय द्वारा मूल पत्र जारी किया जाएगा और दावा किया कि पत्र "फर्जी" है, संभवतः एआई द्वारा निर्मित है।
दिनाकरन ने यहां पत्रकारों से कहा कि उनकी पार्टी की ओर से टीवीके के खिलाफ गिंडी पुलिस थाने में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई गई है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि सरकार गठन का दावा करने के लिए "जाली" समर्थन पत्र का इस्तेमाल किया गया है।
मान ने आरोप लगाया कि भाजपा-नीत केंद्र सरकार अपने विरोधियों में इसी तरह डर पैदा कर काम करती है। उन्होंने कहा कि वे अन्य राज्यों में ऐसा कर सकते हैं, लेकिन पंजाब में उनकी यह रणनीति काम नहीं करेगी।