नियुक्तियों के खिलाफ विरोध दबाने का आरोप: महबूबा मुफ्ती

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 30-06-2026
Allegations of suppressing protests against appointments: Mehbooba Mufti
Allegations of suppressing protests against appointments: Mehbooba Mufti

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली

 
पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने मंगलवार को आरोप लगाया कि उनकी पार्टी के कई नेताओं और कार्यकर्ताओं को ‘‘पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया के बिना की गई नियुक्तियों’’ के खिलाफ प्रस्तावित प्रदर्शन करने से रोकने के लिए नजरबंद कर दिया गया।
 
महबूबा मुफ्ती ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘जब भी जवाबदेही का सवाल आता है, नेशनल कॉन्फ्रेंस (एनसी) सरकार यह कहकर बचने की कोशिश करती है कि पुलिस विभाग उसके नियंत्रण में नहीं है। लेकिन जब युवा आरक्षण पर तर्क करता है या पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया के बिना की गई नियुक्तियों के खिलाफ शांतिपूर्ण ढंग से न्याय की मांग करता है, तो यही सरकार पुलिस के साथ पूरी तरह समन्वय करके लोकतांत्रिक विरोध की हर आवाज़ को दबाने का काम करती है।’’
 
जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि नेशनल कॉन्फ्रेंस (एनसी) सरकार का ‘पाखंड’ पूरी तरह उजागर हो गया है, क्योंकि सरकारी नौकरियों की आउटसोर्सिंग के विरोध में होने वाले शांतिपूर्ण प्रदर्शन को रोकने के लिए घाटी भर में पीडीपी के नेताओं और कार्यकर्ताओं को घरों में नजरबंद कर दिया गया।
 
उन्होंने कहा, ‘‘सरकार की यह चुनिंदा बेबसी उसकी दोहरी नीति को उजागर करती है। यही दोहरापन तब भी दिखता है, जब आवास, राजस्व और वन जैसे विभाग अतिक्रमण रोधी अभियान के नाम पर गरीब और कमजोर परिवारों के घरों को गिराने के लिए पुलिस की मदद तुरंत ले लेते हैं।’’
 
पीडीपी का आरोप है कि एनसी सरकार ने आउटसोर्सिंग एजेंसियों का इस्तेमाल कर विभिन्न सरकारी विभागों में पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया के बिना नियुक्तियां की हैं।