पुलिस ज्यादती के आरोपों की जांच समिति के पुनर्गठन के अनुरोध वाली याचिका का न्यायालय में उल्लेख

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 25-08-2026
 allegations of police excesses mentioned in court
allegations of police excesses mentioned in court

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली

 
उच्चतम न्यायालय में मंगलवार को एक याचिका का उल्लेख किया गया है, जिसमें हाल ही में दिल्ली में छात्र प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस की कथित ज्यादतियों और पुलिसकर्मियों के खिलाफ हुई हिंसा की जांच के लिए शीर्ष न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति आर. सुभाष रेड्डी की अध्यक्षता में गठित पांच सदस्यीय उच्चाधिकार प्राप्त समिति के पुनर्गठन का अनुरोध किया गया है।
 
समिति के गठन पर आपत्ति जताते हुए कुछ याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता गोपाल शंकरनारायणन ने भारत के प्रधान न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची तथा न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ के समक्ष इस मामले का उल्लेख किया।
 
सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने इसका जोरदार विरोध करते हुए इसे ‘‘अनुचित मंशा से दायर’’ याचिका बताया।
 
मेहता ने कहा, ‘‘याचिका में आपके माननीय न्यायाधीशों द्वारा गठित समिति के पुनर्गठन का अनुरोध किया गया है और किसी मंत्री या किसी अन्य व्यक्ति की जांच की बात कही गई है। उन्होंने यह भी नाम दिए हैं कि इस न्यायाधीश को इसका अध्यक्ष होना चाहिए आदि। लेकिन यह कोई राजनीतिक मंच नहीं है। कुछ और हो रहा है। यह कोई राजनीतिक मंच नहीं है। कुछ लोगों को हर चीज से हमेशा समस्या रहती है।’’