All forms submitted since the expiry date of SIR will be compulsorily verified: Official
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) नवदीप रिनवा ने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की समाप्ति तिथि 10 अप्रैल से अब तक कंप्यूटर सहायकों द्वारा फीड किए गए समस्त फार्म की अनिवार्य रूप से जांच करने के निर्देश दिये हैं। एक आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी गई।
बयान के अनुसार रिनवा ने गड़बड़ी पाये जाने पर संबंधित अधिकारियों के ख़िलाफ़ कार्रवाई के निर्देश की चेतावनी दी है।
रविवार को जारी बयान में कहा गया कि यह निर्देश विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों की मतदाता सूचियों के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (एसएसआर) की तैयारियों के दृष्टिगत 24 अक्टूबर (शनिवार) को समस्त मण्डलायुक्तों, जिला निर्वाचन अधिकारियों, निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों, सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों एवं कम्प्यूटर सहायकों के साथ एक वर्चुअल बैठक के दौरान दिये गए।
बयान के अनुसार रिनवा ने निर्देश दिया कि विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के 10 अप्रैल को संपन्न होने के बाद से कंप्यूटर सहायकों द्वारा दर्ज किए गए सभी फॉर्म छह, सात और आठ की जांच की जाए, ताकि पीलीभीत में सामने आई घटना जैसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।
फॉर्म-6 का इस्तेमाल मतदाता सूची में नाम शामिल कराने, फॉर्म-7 का नाम शामिल किए जाने या नाम हटवाने पर आपत्ति दर्ज कराने तथा फॉर्म-8 का मतदाता सूची में दर्ज विवरण में सुधार और अन्य बदलाव कराने के लिए किया जाता है।
उत्तर प्रदेश कांग्रेस ने 21 अक्टूबर को पीलीभीत सदर विधानसभा क्षेत्र की मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर हेरफेर किए जाने का आरोप लगाया था। पार्टी ने दावा किया था कि 13,150 मतदाताओं के नाम बदल दिए गए, जबकि उनके मतदाता फोटो पहचान पत्र (ईपीआईसी) और क्रम संख्या समान रहे।