एआई संप्रभुता का मतलब दुनिया से अलग होकर सबकुछ खुद करना नहीं : सुनील गुप्ता

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 20-02-2026
AI sovereignty doesn't mean being isolated from the world and doing everything on your own: Sunil Gupta
AI sovereignty doesn't mean being isolated from the world and doing everything on your own: Sunil Gupta

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली

 
योट्टा डेटा सर्विसेज के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) सुनील गुप्ता ने शुक्रवार को कहा कि कृत्रिम मेधा (एआई) संप्रभुता का मतलब अलग-थलग पड़ना या पूर्ण आत्मनिर्भरता नहीं है, बल्कि रणनीतिक नियंत्रण है।
 
‘एआई इम्पैक्ट समिट 2026’ में गुप्ता ने जोर दिया कि प्रौद्योगिकी में परस्पर वैश्विक निर्भरता अपरिहार्य है।
 
उन्होंने कहा, “हम दुनिया भर में हमेशा परस्पर जुड़े और एक-दूसरे पर निर्भर रहेंगे।”
 
गुप्ता ने कहा कि कुछ देश चिप विनिर्माण में आगे होंगे, तो कुछ कच्चे माल, डेटा, मॉडल, प्रतिभा या पूंजी में उत्कृष्ट होंगे इसलिए “सहयोग आवश्यक है।”
 
उन्होंने स्पष्ट किया कि संप्रभुता का मतलब यह नहीं है कि सब कुछ देश में ही बनाने की कोशिश की जाए या खुद को दुनिया से अलग कर लिया जाए। इसका मतलब यह सुनिश्चित करना है कि कोई एक देश या कंपनी किसी राष्ट्र के डिजिटल भविष्य को नियंत्रित न कर सके।
 
गुप्ता ने कहा, “संप्रभुता को अक्सर इस विचार से भ्रमित किया जाता है कि हम सब कुछ खुद करेंगे और दुनिया से अलग हो जाएंगे… लेकिन संप्रभुता का मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि हम अलग-थलग पड़ जाएं और सब कुछ खुद करने लगें।”
 
उन्होंने कहा कि मुख्य कंप्यूटर अवसंरचना को राष्ट्रीय सीमाओं के भीतर और घरेलू नियंत्रण में रखना बेहद महत्वपूर्ण है, “इन प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल अपने परिवेश और अपने नियंत्रण में करें।’’