Agentic AI may disrupt some software firms but also create opportunities, investors need to be selective: Goldman Sachs
नई दिल्ली
गोल्डमैन सैक्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, एजेंटिक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के उभरने से सॉफ्टवेयर इंडस्ट्री की कुछ कंपनियों को नुकसान हो सकता है, लेकिन इससे कई कंपनियों के लिए बड़े अवसर भी पैदा हो सकते हैं। रिपोर्ट में बताया गया है कि जहाँ एक ओर AI सॉफ्टवेयर के भविष्य को लेकर चिंताएँ बढ़ा रहा है, वहीं दूसरी ओर इससे पूरे बाज़ार के विस्तार की भी उम्मीद है। इसका मतलब है कि जैसे-जैसे यह टेक्नोलॉजी विकसित होगी, निवेशकों को सोच-समझकर चुनिंदा कंपनियों में ही निवेश करना चाहिए। इसमें कहा गया है, "जहाँ AI कुछ कंपनियों के लिए मुश्किलें खड़ी कर सकता है, वहीं कई कंपनियों को इससे फ़ायदा भी हो सकता है। इससे इस बात को और बल मिलता है कि जैसे-जैसे AI टेक्नोलॉजी विकसित हो रही है, निवेशकों को निवेश के मामले में चुनिंदा रुख अपनाना चाहिए।"
कुछ विशेषज्ञों की राय का हवाला देते हुए रिपोर्ट में यह तस्वीर पेश की गई है कि जहाँ एक दशक से भी ज़्यादा समय से सॉफ्टवेयर का इंडस्ट्री पर दबदबा रहा है, वहीं सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट के लिए नए एजेंटिक AI टूल्स के आने से यह डर पैदा हो गया है कि AI कहीं सॉफ्टवेयर को "खा न जाए"। इसके चलते इस सेक्टर की रेटिंग में भारी बदलाव देखने को मिल सकता है। हालाँकि, गोल्डमैन सैक्स की US सॉफ्टवेयर एनालिस्ट गैब्रिएला बोर्गेस ने कहा कि "AI भी एक तरह का सॉफ्टवेयर ही है" और असल में यह एक ऐसा कोड है जिसे खास काम करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। उन्हें उम्मीद है कि AI सॉफ्टवेयर बाज़ार का विस्तार करेगा, लेकिन साथ ही कोडिंग की लागत कम करके प्रतिस्पर्धा भी बढ़ाएगा। रिपोर्ट में बताया गया है कि पुरानी सॉफ्टवेयर कंपनियों के लिए मुख्य जोखिम यह है कि AI-आधारित नई कंपनियाँ विकास के नए अवसरों पर कब्ज़ा कर सकती हैं, जबकि पुरानी कंपनियों के पास पारंपरिक भूमिकाएँ ही बचेंगी जो धीरे-धीरे सिकुड़ती जाएँगी।
हालाँकि, बोर्गेस ने यह भी कहा कि पुरानी कंपनियाँ "तेज़ी से नई चीज़ें अपनाकर आगे बढ़ रही हैं" और वे अपनी विशेषज्ञता का लाभ उठाकर अभी भी प्रतिस्पर्धा में बनी रह सकती हैं, हालाँकि उन्हें अपनी इस क्षमता को साबित करना होगा। शेरलंड पार्टनर्स के संस्थापक और CEO रिक शेरलंड ने कहा कि AI सॉफ्टवेयर की जगह नहीं लेगा, बल्कि उसे पूरी तरह से बदल देगा। उन्होंने मौजूदा दौर को अतीत के तकनीकी बदलावों जैसा ही बताया और कहा कि सॉफ्टवेयर "AI के इर्द-गिर्द एक नया रूप ले रहा है"। इसके लिए लार्ज लैंग्वेज मॉडल्स (LLMs) और AI एजेंट्स का इस्तेमाल करके सॉफ्टवेयर के बुनियादी ढांचे में आमूल-चूल बदलाव करने की ज़रूरत होगी।
Cohesity के CEO और प्रेसिडेंट संजय पूनेन ने भी AI को एक क्रांतिकारी शक्ति बताया और चेतावनी दी कि कंपनियों को तेज़ी से बदलते हालात के हिसाब से खुद को ढालना होगा। उन्होंने कहा, "किसी भी तकनीकी लहर की तरह, आपको भी इस 'सुनामी' पर सवार होना होगा, वरना यह आपको पूरी तरह से तबाह कर देगी।" रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि इस सेक्टर में स्थिरता आने में कुछ समय लग सकता है। गोल्डमैन सैक्स के मुख्य US इक्विटी रणनीतिकार बेन स्नाइडर ने कहा कि जिन इंडस्ट्रीज़ में ढांचागत बदलाव हो रहे होते हैं, वहाँ शेयरों की कीमतें तभी स्थिर होती हैं, जब उन कंपनियों की कमाई स्थिर हो जाती है। रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि सॉफ्टवेयर से जुड़े क्रेडिट बाज़ारों में दबाव बना हुआ है, हालाँकि स्थिर मैक्रो माहौल में जोखिम अभी भी काबू में हैं।
इसलिए रिपोर्ट में यह सुझाव दिया गया कि निवेशकों को इस सेक्टर के बारे में एकतरफ़ा सोच (binary views) से बचना चाहिए और इसके बजाय उन कंपनियों पर ध्यान देना चाहिए जो खुद को ढाल सकती हैं—खास तौर पर वे कंपनियाँ जो AI-आधारित पुनर्गठन और मज़बूत तकनीकी क्षमताओं में निवेश कर रही हैं। इसमें कहा गया, "यह ऐसा माहौल नहीं है जहाँ सॉफ्टवेयर के टिके रहने या खत्म हो जाने पर एकतरफ़ा दाँव लगाए जाएँ, बल्कि यह ऐसा माहौल है जहाँ सोच-समझकर चुनाव करने की ज़रूरत है।"