आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
अदाणी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड (एजीईएल) ने मंगलवार को कहा कि उसने गुजरात के खावड़ा में अपनी बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली (बीईएसएस) की परिचालन क्षमता बढ़ाकर 3.37 गीगावाट घंटा कर दी है।
कंपनी ने एक बयान में कहा कि मार्च, 2026 में 1.37 गीगावाट घंटा की क्षमता जोड़ने के बाद उसकी कुल परिचालन बीईएसएस क्षमता बढ़कर 3.37 गीगावाट घंटा हो गई है।
खावड़ा में एजीईएल 30 गीगावाट का नवीकरणीय ऊर्जा पार्क विकसित कर रही है, जिसमें से 9.9 गीगावाट क्षमता पहले ही चालू हो चुकी है।
कंपनी ने कहा कि यह चीन के बाहर एक ही स्थान पर स्थापित दुनिया की सबसे बड़ी बैटरी भंडारण परियोजना है और वैश्विक स्तर पर सबसे तेजी से लागू की गई परियोजनाओं में शामिल है।
बयान के मुताबिक, एजीईएल की 3.37 गीगावाट घंटा बीईएसएस क्षमता लगभग 10 लाख घरों को एक दिन तक स्वच्छ ऊर्जा उपलब्ध कराने में सक्षम है। इसके अलावा यह 1.2 करोड़ से अधिक एलईडी बल्बों को 10 घंटे तक लगातार ऊर्जा दे सकती है।
कंपनी की योजना वित्त वर्ष 2026-27 में 10 गीगावाट घंटा से अधिक बैटरी भंडारण क्षमता जोड़ने और अगले पांच वर्षों में इसे 50 गीगावाट घंटा तक पहुंचाने की है।
एजीईएल के कार्यकारी निदेशक सागर अदाणी ने कहा, “बड़े पैमाने पर ऊर्जा भंडारण भारत के स्वच्छ ऊर्जा बदलाव के अगले चरण में अहम भूमिका निभाएगा। नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता के तेजी से विस्तार के साथ विश्वसनीय और 24 घंटे स्वच्छ बिजली आपूर्ति के लिए भंडारण अवसंरचना जरूरी हो जाती है।”
कंपनी सौर, पवन, हाइब्रिड और ऊर्जा भंडारण से जुड़ी ग्रिड-सम्बद्ध परियोजनाओं का विकास, स्वामित्व और संचालन करती है। एजीईएल का कुल परिचालन नवीकरणीय ऊर्जा पोर्टफोलियो 19.7 गीगावाट है, जो देश में सबसे बड़ा है और 12 राज्यों में फैला हुआ है।