Crop loan waiver an attempt to mislead farmers: Edappadi K. Palaniswami
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (अन्नाद्रमुक) प्रमुख ई. के. पलानीस्वामी ने फसल ऋण माफी की घोषणा को लेकर तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) सरकार पर मंगलवार को जमकर निशाना साधा और इसे लोगों का ध्यान कथित ‘‘दलबदल’’ की राजनीति से भटकाने के लिए की गई ‘‘वैज्ञानिक छलावा’’ करार दिया।
पलानीस्वामी ने सी. जोसेफ विजय के नेतृत्व वाली नवगठित सरकार पर ‘‘काम के बजाय हाथ पर हाथ धरे बैठना’’ का आरोप लगाया और कहा कि यह सरकार तमिलनाडु की जनता का ध्यान ‘‘सबसे घृणित दलबदल की राजनीति’’ से हटाने की कोशिश कर रही है।
अन्नाद्रमुक महासचिव सोमवार को मुख्यमंत्री की ओर से सोमवार को की गई उस घोषणा पर प्रतिक्रिया दे रहे थे जिसमें राज्य भर के सीमांत किसानों के 50,000 रुपये तक के सहकारी बैंक फसल ऋण माफ करने की बात कही गई।
पलानीस्वामी ने कहा कि तमिलगा वेत्री कषगम ने पांच एकड़ तक की जमीन वाले सभी किसानों के फसल ऋण की पूरी माफी का वादा किया था। पूर्व मुख्यमंत्री ने दावा किया कि जमीन के क्षेत्रफल बजाय 50,000 रुपये की मौद्रिक सीमा तय करना ‘‘बड़ा विश्वासघात’’ है।
उन्होंने अपने कार्यकाल में पूर्ववर्ती अन्नाद्रमुक सरकार द्वारा दी गई राहत से तुलना करते हुए कहा कि उनकी सरकार ने 12,110 करोड़ रुपये के कृषि ऋण पूरी तरह माफ किए थे, जिससे बिना किसी जटिल शर्त के 16.43 लाख से अधिक किसानों को राहत मिली थी।
पलानीस्वामी ने अपने बयान में कहा, ‘‘कठपुतली सरकार की कृषि फसल ऋण माफी योजना वैज्ञानिक छलावा है। यह घोषणा तमिलनाडु की जनता का ध्यान सबसे घृणित दलबदल की राजनीति से हटाने के लिए की गई है, जबकि सरकार को जो काम करना चाहिए वह नहीं हो रहा।’’
उन्होंने कहा कि टीवीके ने पांच एकड़ से कम जमीन वाले किसानों के सहकारी बैंक फसल ऋण पूरी तरह माफ करने का वादा किया था, लेकिन अब जमीन के बजाय रकम को आधार बनाया जा रहा है।
इस बीच, पट्टाली मक्कल काची के संस्थापक डॉ. एस. रामदास ने इस घोषणा की सराहना की और कहा कि सरकार को अन्य किसानों की स्थिति पर भी ध्यान देना चाहिए।