आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
ओडिशा सरकार ने सभी उच्च शिक्षण संस्थानों से रैगिंग रोधी व्यवस्था को मजबूत करने और विद्यार्थियों के लिए मानसिक स्वास्थ्य सहायता सुनिश्चित करने को कहा है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
उच्च शिक्षा विभाग द्वारा हाल में जारी एक अधिसूचना में संस्थानों को मौजूदा दिशा-निर्देशों के अनुसार रैगिंग रोधी समितियों, दस्तों और निगरानी प्रकोष्ठों को मजबूत करने का निर्देश दिया गया है।
संस्थानों को उचित ड्यूटी रोस्टर और नियमित औचक निरीक्षणों के जरिए छात्रावासों और परिसरों के संवेदनशील क्षेत्रों में चौबीसों घंटे निगरानी रखने का भी निर्देश दिया गया है।
अधिसूचना में कहा गया है कि ये निर्देश अगस्त 2025 में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) द्वारा की गई सिफारिशों के मद्देनजर जारी किए गए हैं।
उच्च शिक्षण संस्थानों से यह भी कहा गया है कि वे रैगिंग रोधी समितियों और संबंधित निकायों में अनुसूचित जाति (एससी) और अनुसूचित जनजाति (एसटी) समुदायों का समावेशी प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करें तथा रैगिंग रोधी उपायों की समय-समय पर समीक्षा के लिए स्वतंत्र निगरानी प्रणाली स्थापित करें।
अधिसूचना में कहा गया है कि शिकायत निवारण व्यवस्था को मजबूत करने के लिए संस्थागत प्रकोष्ठों, निगरानी एजेंसियों और जिला-स्तरीय समितियों वाली तीन स्तरीय प्रणाली प्रस्तावित की गई है।
विभाग ने जागरूकता कार्यक्रमों, नए विद्यार्थियों के लिए परिचय सत्रों, परामर्श सुविधाओं और विद्यार्थियों के लिए मानसिक स्वास्थ्य सहायता प्रणाली की जरूरत पर भी जोर दिया है।