आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री जोसेफ सी. विजय ने द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) पर तीखा हमला बोलते हुए उसके शासनकाल में ‘‘गंभीर और संगठित भ्रष्टाचार’’ का सोमवार को आरोप लगाया। इसके विरोध में मुख्य विपक्षी दल के सदस्य हंगामा करते हुए विधानसभा अध्यक्ष के आसन के सामने आ गए और बाद में बहिर्गमन किया।
विजय ने कुछ दिन पहले मुख्य विपक्षी दल से किसी बहाने “भागने” के बजाय सदन में बने रहने का आग्रह किया था। उन्होंने कथित “पार्टी के लिए धन” की वसूली को लेकर द्रमुक के शीर्ष नेतृत्व पर सोमवार को निशाना साधा।
गृह विभाग की अनुदान मांगों पर बहस का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने तीखे तेवर अपनाए। इस दौरान मंत्रिमंडल के सहयोगियों और सत्तारूढ़ तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) विधायकों ने मेज थपथपाकर उनका समर्थन किया।
मुख्यमंत्री ने 1970 के दशक के मामले समेत द्रमुक शासन के दौरान कथित “पार्टी के लिए धन” की वसूली और “वैज्ञानिक भ्रष्टाचार” के उदाहरण गिनाए।
उन्होंने कहा, “जहां-जहां द्रमुक होती है, अनियमितताएं भी वहीं होती हैं और जहां-जहां द्रमुक होगी, वहां-वहां गलत काम होते हैं।”