Those with low birth weight have a higher risk of stroke, a new study suggests.
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
लंदन से आई एक नई रिसर्च ने स्वास्थ्य को लेकर एक अहम चेतावनी दी है। अध्ययन के मुताबिक, जिन लोगों का जन्म के समय वजन कम होता है, उनमें कम उम्र में स्ट्रोक का खतरा अधिक हो सकता है। यह जोखिम उनके बॉडी मास इंडेक्स या जन्म के समय की अवधि से अलग पाया गया है।
यह अध्ययन स्वीडन के University of Gothenburg के शोधकर्ताओं, डॉ. Lina Lilja और डॉ. Maria Bygdell की टीम ने किया। इसके निष्कर्ष European Congress on Obesity 2026 में पेश किए गए।
शोध में करीब 8 लाख लोगों के डेटा का विश्लेषण किया गया, जो 1973 से 1982 के बीच जन्मे थे। इन लोगों के स्वास्थ्य रिकॉर्ड को कई राष्ट्रीय डेटाबेस से जोड़कर 2022 तक ट्रैक किया गया। इस दौरान कुल 2,252 लोगों को पहली बार स्ट्रोक हुआ, जिनमें इस्केमिक और हेमरेजिक दोनों प्रकार शामिल थे।
रिपोर्ट के अनुसार, जिन लोगों का जन्म वजन 3.5 किलोग्राम से कम था, उनमें स्ट्रोक का जोखिम औसतन 21 प्रतिशत अधिक पाया गया। महिलाओं में यह खतरा 18 प्रतिशत और पुरुषों में 23 प्रतिशत ज्यादा देखा गया।
शोधकर्ताओं ने यह भी पाया कि यह संबंध शरीर के वजन या युवावस्था के बीएमआई से जुड़ा नहीं था। यानी जन्म के समय का वजन ही एक स्वतंत्र जोखिम कारक के रूप में सामने आया।
विशेषज्ञों का कहना है कि हाल के वर्षों में विकसित देशों में स्ट्रोक के मामले कुल मिलाकर कम हुए हैं, लेकिन युवाओं में इसकी दर उतनी तेजी से नहीं घटी। कुछ क्षेत्रों में तो यह बढ़ भी रही है।
इस अध्ययन से यह संकेत मिलता है कि जीवन की शुरुआत में ही स्वास्थ्य से जुड़े कारक आगे चलकर गंभीर बीमारियों का कारण बन सकते हैं। शोधकर्ताओं का मानना है कि कम जन्म वजन को भविष्य में स्ट्रोक के जोखिम आकलन में शामिल किया जाना चाहिए।
यह खोज रोकथाम की दिशा में नई सोच को जन्म देती है और बताती है कि बेहतर मातृ और शिशु स्वास्थ्य पर ध्यान देना कितना जरूरी है।